
Sandalwood Artwork Churu: राजस्थान के चूरू जिले में चंदन की कलाकृति बनाने में चौथमल जांगिड़ का परिवार किसी परिचय का मोहताज नहीं है. इस परिवार की चौथी पीढ़ी के 15 वर्षीय बालक शुभम जांगिड़ ने चंदन की लकड़ी की सबसे छोटा शतरंज बनाया, जिसकी साइज मात्र 7 एमएम है. इस शतरंज को नाखून पर रखा जा सकता है. इस छोटे से शतरंज का नाम लंदन की वर्ल्डवाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है.
शुभम ने तय किया कि वह छोटे से छोटा शतरंज बनाएंगे. उन्होंने पढ़ाई के अलावा एक्स्ट्रा समय में इस कलाकृति को बनाया. इस कलाकृति को बनाने में उन्हें कुल 15 दिन लगे. रोजाना स्कूल से आने के बाद दो से तीन घंटे इस कलाकृति को बनाने में जुटे रहें और इसे वर्ल्ड वाइज बुक ऑफ रिकार्ड्स के लिए भेजी, जो अब अप्रूव हो गई है.

शुभम जांगिड़ राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मालचंद जांगिड़ के परिवार से है. मालचंद के बाद उनके पुत्र चौथमल एवं उसके बाद उनके पुत्र पवन जांगिड़ चंदन की कलाकृति बनाकर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं.
पिता के मार्गदर्शन में सीखी कलाकारी
नौवीं क्लास में पढ़ने वाले शुभम बचपन से अपने पिता को चंदन की लकड़ी से कलाकृति बनाते हुए देखा और सीखा. करीब पांच साल से उन्होंने चंदन की लकड़ी से डिब्बी नुमा कलाकृति बनाई. पिता के मार्गदर्शन में उसने चंदन की लकड़ी से छोटी से छोटी कलाकृति बनाने की जिद ठानी. इस बारे में जब उन्होंने अपने पिताजी को बताया तो वे खुश हुए.
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