Sikar News: सीकर में राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में कथित फर्जीवाड़े को लेकर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह डॉक्टरों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है. आरोप है कि फर्जी पर्चे और बिल बनाकर सरकारी योजना के तहत करोड़ों रुपये का अवैध भुगतान उठाया गया और निजी डायग्नोस्टिक सेंटर को अनुचित लाभ पहुंचाया गया.
मामले में डॉ. विजय एंड बी लाल डायग्नोस्टिक सेंटर, सीकर के साथ राजकीय श्री कल्याण चिकित्सालय, सीकर के डॉ. के.के. अग्रवाल (एसोसिएट प्रोफेसर), डॉ. मुकेश वर्मा (वरिष्ठ विशेषज्ञ), डॉ. गजराज सिंह (वरिष्ठ विशेषज्ञ), डॉ. राकेश चौधरी (वरिष्ठ विशेषज्ञ) और डॉ. सुनील हाका (एसोसिएट प्रोफेसर) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. जांच एजेंसियों का आरोप है कि सभी ने मिलीभगत कर योजना का दुरुपयोग किया.
चार करोड़ रुपये की सरकारी निधि को नुकसान पहुंचाया
एफआईआर के अनुसार आरोपियों ने फर्जी ओपीडी पर्चे और बिल जारी कर RGHS योजना के तहत लगभग चार करोड़ रुपये की सरकारी निधि को नुकसान पहुंचाया. RGHS कार्डधारकों के नाम पर नकली बिल बनाकर भारी राशि का क्लेम लिया गया, जिससे सरकारी खजाने को बड़ी चपत लगी.
पिछले सप्ताह आरोपित सरकारी डॉक्टरों को निलंबित किया था
स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी की डीपी गोयल की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया. RGHS परियोजना निदेशक डॉ. निधि पटेल ने मेडिकल हेल्थ विभाग को कार्रवाई की अनुशंसा की थी. जांच में सामने आया कि संबंधित डॉक्टरों ने निजी डायग्नोस्टिक सेंटर को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से अनियमितताएं कीं. सरकार ने पिछले सप्ताह सभी आरोपित सरकारी डॉक्टरों को निलंबित भी कर दिया था.
SOG ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है
करीब 350 पेज की जांच रिपोर्ट एजेंसी द्वारा तैयार कर SOG को सौंपी गई है. जांच में खुलासा हुआ कि कई RGHS कार्डधारक कभी सीकर में परामर्श के लिए पहुंचे ही नहीं, इसके बावजूद उनके नाम से ओपीडी पर्चे बनाए गए. इन पर्चों के आधार पर महंगी और अनावश्यक MRI जांच लिखी गईं तथा कई मामलों में लाभार्थियों को वास्तविक रूप से देखे बिना ही जांचें दर्शाकर भुगतान उठाया गया. SOG ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है.