
Kota Suicide Case: सोमवार को कोटा में नीट की तैयारी कर रहे एक कोचिंग छात्र फोरिद हुसैन ने आत्महत्या कर ली थी. जिसके बाद प्रशासन ने कोचिंग को नोटिस थमाया था. आज मृतक छात्र के पिता कमालुद्दीन पश्चिम बंगाल से कोटा पहुंचे, जहां प्रशासन ने शव परिजनों को सौंप दिया है. कमालुद्दीन की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है. मृतक के पिता कमालुद्दीन ने बताया कि, उनके बेटे को कोटा में पढ़ाई का पैटर्न समझ में नहीं आ रहा था, उसके साथी स्टूडेंट ने बातचीत में बताया था कि वह दो-तीन दिन से परेशान नजर आ रहा था और यही बात कह रहा था कि उसको नीट की पढ़ाई समझ में नहीं आ रही"
जिला कलेक्टर ने कोचिंग संस्थान को दिया नोटिस
फोरीद हुसैन की अवसाद में आकर आत्महत्या का मामला सामने आने बाद इस मामले में जिला प्रशासन एक्शन में है. जिला कलेक्टर ने कोचिंग संस्थान को नोटिस थमा दिया है, जिला कलेक्टर ने 3 दिन में संस्थान से जवाब मांगा है.
फोरीद अवसाद में था और कोचिंग संस्थान अपने ही संस्थान के अंदर उसकी काउंसलिंग कर रहे थे और पूछताछ में प्रशासन को कोचिंग संस्थान ने बताया था कि हमने माता-पिता को अवगत करवाया था कि आपका बच्चा अवसाद ग्रस्त है आप ले जाइए.
लेकिन कोचिंग संस्थान की ओर से प्रशासन को सूचना नहीं दी गई. प्रशासन ने अब संस्थान को नोटिस थमा दिया है और तीन दिन में जवाब मांगा है. मालूम हो कि इससे पहले कोचिंग स्टूडेंटों की सुसाइड के लगातार आ रहे मामले पर जिला प्रशासन ने सभी कोचिंग संस्थानों को ऐसे किसी छात्र के अवसाद में जान की सूचना प्रशासन को देने का आदेश दिया था.
मीटिंग में कोचिंग संस्थानों को दिए गए थे यह आदेश
20 अक्टूबर 2023 और 8 नवंबर 2023 को आयोजित जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में यह स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए थे कि कोचिंग संस्थान अपने-अपने छात्रों की समय-समय पर काउंसलिंग करेगी. काउंसलिंग के दौरान अवसाद से प्रभावित छात्रों को चिन्हित कर उनके साथ नियमित काउंसलिंग करवाई जाएगी.
साथ ही ऐसे छात्रों के माता-पिता से भी बात कर उनको स्थिति से अवगत कराया जाएगा. साथ ही अगर छात्र की स्थिति अधिक अवसाद ग्रस्त है, उसके माता-पिता भी सूचना के बाद उसे लेने के लिए नहीं आते हैं तो यह सूचना तत्काल जिला प्रशासन के संज्ञान में देनी होगी. लेकिन मृतक छात्र फोरीद हुसैन के प्रकरण में जिला प्रशासन कोटा को कोचिंग संस्थान की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई जिसके कारण जिला प्रशासन स्तर के राजकीय मनोचिकित्सक से छात्र का परामर्श उपचार संभव नहीं हो पाया.
जबकि सभी को अवगत कराया गया था कि छात्र से काउंसलिंग दिनांक 12 नवंबर में पता लग गया था कि छात्र अवसाद ग्रस्त है जिसकी लगातार काउंसलिंग कोचिंग के स्तर पर हो रही थी इसके बावजूद आपने इसकी सूचना जिला प्रशासन को नहीं दी जिसके फल स्वरुप मृतक छात्रा के परिजनों को समझाइस नहीं की जा सकी और यह संभव नहीं हो सका. कोटा डीएम के नोटिस का जवाब अब कोचिंग संस्थान को तीन दिन में देना होगा.
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