
Rajasthan News: राजस्थान में चुनावी बिसात पूरी तरह बिछकर तैयार है और नेताओं के तीखे तेवर और आरोप प्रत्यारोप अब खुले मंचों से सुनाई दे रहे हैं. भाजपा के कमल रंग में रंगीं देश की नामी पहलवान बबीता फोगाट (Babita Phogat) ने टोंक आकर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Vadra) को निशाने पर ले लिया. उन्होंने कहा, ''जब में हरियाणा से यूपी जाती हूं तो मुझे रोड पर 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' के पोस्टर हर जगह लगे नजर आते है, पर आज राजस्थान आई हूं तो मुझे वह पोस्टर कहीं लगे नजर नहीं आए.''
'वह लड़की राजस्थान में लड़का बन गई'
बबीता फोगाट ने कहा, 'मुझे लगता है कि लड़की हूं लड़ सकती हूं पोस्टर वाली यूपी से राजस्थान आते-आते कहीं लड़का तो नहीं बन गई है'. फोगाट ने प्रियंका पर हमला बोलते हुए कहा कि, 'बलात्कार के बाद जिंदा आग में झोंकने वाली एक बेटी के जघन्य हत्याकांड के बाद उस पोस्टर गर्ल के पास उस परिवार के पास जाने का समय नहीं है. मुझे लगता है कि वह लड़की राजस्थान में लड़का बन गई है, क्योंकि वह लड़की होती तो उस परिवार से जरूर मिलती, क्योंकि राजनीति में जनता का दर्द महसूस करना ही सेवा है. बबिता फोगाट टोंक के मालपुरा में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में एक सभा को संबोधित कर रही थीं.
पिछले 30 सालों से कांग्रेस के हाथ खाली
राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों पर 25 नवंबर को मतदान होगा. ऐसे में अगर बात संवेदनशील माने जाने वाली मालपुरा सीट की करें तो कांग्रेस पिछले 30 सालों से इस सीट पर खाली हाथ है. जबकि कांग्रेस के ही प्रदेश के पहले गृहमंत्री दामोदर व्यास सहित उनके परिवार ने इस सीट पर 7 बार जीत हासिल की है. इस बार इस सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा के लगातार दो बार से विधायक और तीसरा चुनाव लड़ रहे कन्हैया लाल चौधरी और कांग्रेस के घांसी लाल चौधरी के बीच है.
कुल 7 प्रत्याशियों ने भरा नामांकन पर्चा
आगामी चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किए जाने के आखिरी दिन मालपुरा में आयोजित हुई जनसभाओं और रैलियों में लोगों का हुजूम उमड़ा. आखिरी दिन मालपुरा सीट पर भाजपा एवं कांग्रेस प्रत्याशियों समेत कुल 6 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए. जबकि एक प्रत्याशी द्वारा पहले ही नामांकन दाखिल किया जा चुका है. ऐसे में अब मालपुरा के चुनावी मैदान में कुल 7 प्रत्याशियों की ओर से नामांकन दाखिल किए जा चुके हैं. हालांकि 9 नवंबर को नाम वापसी का आखिरी दिन होने के चलते यह 9 नवंबर के बाद ही साफ हो पाएगा कि मालपुरा के चुनावी मैदान में कितने प्रत्याशी शेष रह पाते हैं.
मालपुरा-टोडाराय सीट पर प्रमुख मुद्दे?
मालपुरा टोडारायसिंह विधानसभा सीट पर बीसलपुर बांध का पानी टोरडी सागर बांध में डाले जाने का मुद्दा 2004 से प्रमुख मुद्दा है, जिस पर आज तक अमल नहीं हुआ है. वहीं मालपुरा को बचाने के लिए अभी मालपुरा को जिला बनाओ आंदोलन भी चल रहा है. यह भी एक मुद्दा रहेगा. लेकिन सबसे महत्वपूर्ण भाजपा के लिए क्षेत्र में घटी साम्प्रदायिक घटनाएं ओर एक विशेष क्षेत्र से हिंदुओं के पलायन जैसी घटनाएं फायदे का सौदा साबित हो सकती है. मालपुरा-टोडारायसिंह सीट पर अन्य कोई दल या पार्टियां प्रभावशाली नहीं है. निर्दलीय प्रत्याशी समीकरण को प्रभावित जरूर कर सकते हैं, लेकिन इस बार इस मुकाबले को गोपाल गुर्जर ने निर्दलीय के तौर पर फार्म भरकर और आरएलपी की एंट्री के बाद रोचक बना दिया है.