
राजस्थान के अलवर जिले सदर थाना क्षेत्र में एक दुकानदार को दुकान खाली कराने के लिए धमकी भरा पत्र डाक से मिला है. थाना प्रभारी दिनेश मीणा ने बताया कि तिजारा रोड पर चिकानी गांव में एक दुकानदार को 13 नवंबर को डाक से एक पत्र मिला है. पत्र में 31 दिसंबर तक दुकान खाली करवाने के लिए कहा गया है.

धमकी भरे पत्र में 3 दुकानदारों के नाम का जिक्र है
रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित सोहन लाल जाटव (74) की ओर से इस संबंध में गुरूवार को मामला दर्ज करवाया गया है. थाना प्रभारी ने बताया कि पत्र हाथ से लिखा हुआ है और पत्र में पीड़ित के साथ दो अन्य दुकानदारों के नाम का भी जिक्र है, जिन्हें दुकान खाली करने की धमकी दी गई है. उन्होंने बताया कि पीड़ित पूर्व में सिलाई का काम करता था.
गौरतलब है राजस्थान में दूसरा मौका है जब किसी टेलर को धमकी मिली है. इससे पहले उदयुपर के एक टेलर कन्हैया लाल जान से मारने की धमकी मिली थी और उसके कुछ दिनों में दो लोगों ने टेलर की दुकान पर कपड़े का नाप देने के बहाने दर्जी कन्हैया लाल की गला काटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई थी. घटना का वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हुआ था.
पत्र में सोहन लाल जाटव समेत कुल तीन दुकानों को 31 दिसंबर तक खाली करने की चेतावनी दी गई है, वरना एक रात में बम से सबको नष्ट करने की धमकी दी गई है. धमकी भरा पत्र चिकनी में टेलर का काम करने वाले सोहनलाल जाटव के नाम है. घटना का पता चलते ही पुलिस भी एक्शन में आ गई है और जांच में जुट गई है.
पत्र लिखा है, 'मेरी बात अच्छी तरह समझ लेन, यह तेरी दुकान है. 'यह जगह मुसलमान की है, यह जो सरदार की दुकान है और रोहतास कुमार की दुकान है, सरपंच और आस मोहम्मद के लोगों ने बताया है कि यह सारी जगह मुस्लिम भाइयों की है और आपने कब्जा किया हुआ है. मैं अभी शराफत से बोल रहा हूं, अभी जगह की सही कीमत लो और खाली करो, मैं कौन हूं...PFI, 31 दिसंबर तक का समय दे रहा हूं, नहीं तो PFI को दुनिया जानती है, एक रात में बम से सब नष्ट कर दूंगा.
बड़ी बात है कि टेलर को भेजा गया धमकी भरा पत्र चिकानी पोस्ट ऑफिस के माध्यम से भेजा गया है. आरोपी ने यह पत्र चिकानी पोस्ट ऑफिस में ही डाला और वहीं रिसीव हुआ. थाना प्रभारी दिनेश मीना ने बताया कि पुलिस धमकी भरे पत्र भेजने वाले के बारे में पड़ताल में जुटी हुई है. पुलिस अब सोहनलाल से दुश्मनी रखने वालों के बारे में जांच कर रही है.
पीड़ित का कहना है कि पत्र उसे 16 नवंबर को मिला था, चुनाव चल रहे थे, इसलिए वह पत्र को दबाए बैठा रहा, चुनाव के बाद 7 दिसंबर को उसने मामले की शिकायत दर्ज करवाई. उसने बताया कि उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन दुकान को लेकर मुकदमेबाजी हुई थी, जिसमें रति मोहम्मद नामक शख्स के साथ उसका समझौता हो गया था.
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