टोंक जिला मुख्यालय सहित जिले में मंदिरों में आज जन्माष्ठमी की धूम है. वहीं, जिले के कारोला में हरे कृष्णा विलेज में शाम की जगह सुबह से ही हजारों भक्तों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई है, जबकि शाम का नजारा अद्भुत ही होगा जब मंदिरों में श्रीकृष्ण भगवान की जन्म की तैयारियों में शहर में झांकियां जगमाएंगी.
गौरतलब है टोंक जिले में हर वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया जाता है, जिसको लेकर जिला मुख्यालय समेत जिलेभर में कृष्ण मंदिरों की प्रबंध समितियों की ओर से तैयारियां की गई है, जबकि कारोला गांव में प्राकृतिक सौंदर्य के बीच अरावली पर्वत श्रंखलाओं के बीच स्थित हरे कृष्ण विलेज में जन्माष्टमी की तैयारियां की गई है.
प्रबंधन समिति के अनुसार जन्माष्टमी पर 24 घंटे हरिनाम संकीर्तन भी चलेगा और भगवान श्रीकृष्ण को 1008 व्यंजनों का भोग लगाया कर रात्रि 10 बजे बाद भगवान श्रीकृष्ण का महा अभिषेक व महाआरती संकीर्तन व भक्तों की जयकारों के साथ सम्पन्न होगा.
इससे पहले जन्माष्टमी पर सुबह 10 बजे से रात्रि 12 बजे तक मंदिर में दर्शन खुले रहेंगे. इस बार हजारों की संख्या में श्रद्धालुओ के आने की सम्भावना को देखते हुए हरे कृष्ण विलेज के प्रबंधन ने की सुरक्षा, आवागमन, पार्किंग, दर्शन, प्रसादी आदि पर्याप्त व्यवस्था की है, हरे कृष्ण विलेज में जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य दर्शन, ठाकुरजी की झूलन सेवा, सभी दर्शनार्थियों को निशुल्क प्रसाद, बैलगाड़ी भ्रमण, गौसेवा, गोवर्धन परिक्रमा आदि की व्यवस्था होती है.
वहीं, टोंक में श्याम बाबा मंदिर, रामकृष्ण मंदिर, रघुनाथ जी मंदिर सहित पांडेजी बाग बम्बोर गेट स्थित प्राचीन मथुराधीशजी मंदिर परिसर में भी जन्माष्टमी पर्व पर गुरुवार की मध्य रात्रि 12 बजे मनाया जाएगा, जहां श्रीकृष्ण के जन्म के दर्शन होंगे.अगले दिन शुक्रवार को प्रातः 9.30 बजे आयोजित होने वाले नन्दोत्सव में बच्चे कृष्ण स्वरूप में उत्सव मनाया जाएगा.
रिपोर्ट के मुताबिक मन्दिर प्रांगण में हल्दी, दही का मांगलिक छिड़काव, पुष्टिमार्गीय हवेली संगीत में अष्टसखा पदों से बधाई गायन व पालना के पद होंगे. ठाकुरजी के पालना दर्शन होंगे. साथ ही, सभी कृष्ण स्वरूप बन कर आने वाले बालकों को उपहार भेंट किए जाएंगे. 11 बजे ठाकुरजी के बालस्वरूप की आरती प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा.