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This Article is From Jun 03, 2025

Rajasthan: 150 करोड़ का लेनदेन, 30 वेबसाइटें, राजस्थान में ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़; 3 इंजीनियर गिरफ्तार

Alwar News: पुलिस के मुताबिक आरोपी महादेव सट्टा एप की सफलता से प्रेरित होकर खुद की सट्टेबाजी वेबसाइटें बना रहे थे. प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के तार दुबई तक जुड़े होने की भी जानकारी सामने आई है.

Rajasthan: 150 करोड़ का लेनदेन, 30 वेबसाइटें, राजस्थान में ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़; 3 इंजीनियर गिरफ्तार
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

Online Betting Gang Busted: राजस्थान के अलवर में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा एप्स और वेबसाइटों के ज़रिए करोड़ों की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में सॉफ्टवेयर इंजीनियर समेत कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने 30 से अधिक वेबसाइटें बनाकर ऑनलाइन सट्टेबाजी का जाल बिछाया था. गिरोह का नेटवर्क राजस्थान, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में फैला हुआ है, और इससे 60 हजार से भी ज्यादा सक्रिय ID जुड़ी हुई थीं. अब तक 150 करोड़ रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आ चुकी है.

महादेव सट्टा एप से मिली प्रेरणा, दुबई तक फैला नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक आरोपी महादेव सट्टा एप की सफलता से प्रेरित होकर खुद की सट्टेबाजी वेबसाइटें बना रहे थे. प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के तार दुबई तक जुड़े होने की भी जानकारी सामने आई है. पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप की जांच कर देश-विदेश में फैले अन्य सहयोगियों और गिरोह से संबंधित जानकारी एकत्र करनी शुरू कर दी है. आने वाले दिनों में कानूनी कार्यवाही और भी तेज की जाएगी.

सूचना के आधार पर आगरा और मथुरा से हुई गिरफ्तारी

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेजपाल सिंह ने बताया कि साइबर सेल में तैनात हैड कांस्टेबल संदीप को मिली सूचना के आधार पर थाना एमआईए की टीम ने कार्रवाई करते हुए आगरा से लौट रहे नितिन पालीवाल को पकड़ा. उससे मिली जानकारी के आधार पर दो अन्य आरोपी, महेश शर्मा और पीयूष शर्मा को मथुरा से गिरफ्तार किया गया है. ये तीनों अभियुक्त इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं और तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल अपराध में कर रहे थे.

महादेव की तर्ज पर बनाई 30 वेबसाइटें

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने महादेव एप की तर्ज पर करीब 30 वेबसाइटें तैयार की थीं जिन्हें एडमिन, सुपर मास्टर, एजेंट और प्लेयर मॉडल पर चलाया जाता था. इन वेबसाइटों के माध्यम से आईपीएल समेत अन्य खेलों पर सट्टा कराया जाता था. साथ ही, इन प्लेटफॉर्म्स पर ऑनलाइन कैसिनो और मटका जैसे जुएं भी उपलब्ध थे. सट्टे से मिली राशि को ऑनलाइन ट्रांसफर, कैश या हवाला के माध्यम से आपस में बांटा जाता था और इसे संपत्ति खरीदने में लगाया गया.

कई डिजिटल उपकरण जब्त

पुलिस ने तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद अब गिरोह से कमाई गई संपत्तियों को भारतीय न्याय संहिता के तहत जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पुलिस ने उनके पास से छह मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, एक टीबी हार्ड ड्राइव, 15 बैंक एटीएम कार्ड और एक कार जब्त की है. पुलिस रिमांड पर लिए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है.

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