उदयपुर के ओगणा इलाके में एक शख्स ने अपनी जिंदा बेटी को समाज में मरा हुआ घोषित कर दिया. पिता ने बाकायदा बेटी की शोक पत्रिका छपवाई और मृत्युभोज का आयोजन भी किया. शख्स अपनी बेटी की शादी से नाराज है और इसी के चलते यह कदम उठाया. जानकारी के मुताबिक, महिला तीन बच्चों की मां है और उसने दूसरी शादी की. उसकी पहली शादी करीब 10 साल पहले हुई थी. शादी के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था और इस दौरान महिला के तीन बच्चे भी हुए. लेकिन पिछले साल 23 अक्टूबर को महिला पति और बच्चों को छोड़कर घर से निकल गई थी, जिसके बाद परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी.
महिला ने माता-पिता को पहचानने से किया इनकार
पुलिस ने महिला को तलाश कर परिजनों और बच्चों से मिलवाया. लेकिन महिला ने अपने माता-पिता और बच्चों को पहचानने से इनकार कर दिया. परिजनों, समाज के लोगों और पुलिस की ओर से कई बार समझाइश के प्रयास किए गए, लेकिन महिला अपने फैसले पर अड़ी रही. बेटी के इस व्यवहार से पिता पूरी तरह टूट गए. इसके बाद परिजनों और समाज के लोगों ने 6 जनवरी को गांव में महिला को मरा हुआ घोषित कर दिया. इस संबंध में शोक पत्रिका छपवाकर रिश्तेदारों और समाज के लोगों में बांटी गई.
पिता ने कराया मुंडन
13 जनवरी को कातरिया रस्म के तहत महिला के पिता ने मुंडन कराया और 14 जनवरी को मृत्युभोज किया. इस दौरान समाज और कई रिश्तेदार मौजूद रहे. पिता ने बेटी को अपनी वसीयत से भी बेदखल करने का फैसला किया है.
पिता का कहना है कि जिस दिन बेटी ने उन्हें और अपने बच्चों को पहचानने से इनकार किया, उसी दिन वह उनके लिए मर चुकी थी. वहीं, महिला के भाई का कहना है कि पुलिस के साथ समझाइश के प्रयास किए गए थे लेकिन जब कोई रास्ता नहीं निकला तो यह कड़ा कदम उठाया गया.
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