
Rajasthan News: जयपुर के हेरिटेज मेयर मुनेश गुर्जर की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं. सरकार से केस चलाने की अनुमति मिलने के बाद अब एसीबी मेयर मुनेश के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करेगी. इस बीच यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने हेरिटेज मेयर पर बड़ा बयान दिया है. झाबर सिंह खर्रा ने मेयर मुनेश गुर्जर के निलंबन को लेकर बड़ी बात कही है. मंत्री ने बताया कि मुनेश गुर्जर को कब निलंबित किया जाएगा.
रिश्वत मामले में मुनेश के पति गिरफ्तार
बता दें कि मेयर मुनेश के पति सुशील गुर्जर को 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में एसीबी ने पिछले साल अगस्त में गिरफ्तार किया था. उन पर आरोप था कि पट्टे जारी करवाने के लिए दो दलालों के जरिए रिश्वत मांगी गई थी. सुशील के साथ दलाल नारायण सिंह और अनिल दुबे को भी गिरफ्तार किया था. एसीबी द्वारा मेयर के घर से तलाशी में पट्टे की फाइल मिली थी. इसके साथ ही 40 लाख रुपए भी मिले थे. नारायण सिंह के घर से भी 8.95 लाख रुपए मिले थे.
मेयर मुनेश के खिलाफ केस चलाने की अनुमति
अब भ्रष्टाचार के मामले में सोमवार को सरकार ने मुनेश के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दे दी. सरकार के फैसले के बाद मुनेश पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है. इस बीच राजस्थान के यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मेयर मुनेश गुर्जर को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जैसे ही एसीबी मेयर के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करेगी, उसके साथ ही मेयर को उनके पद से निलंबित कर दिया जाएगा. मुनेश गुर्जर को उनके पद से हटाने के बाद मौजूदा पार्षदों में से किसी एक को सरकार 60 दिन के लिए अस्थायी तौर पर मेयर का चार्ज सौंप देंगी.
अब तक का पूरा घटनाक्रम
- 4 अगस्त 2023 को एसीबी ने छापा मारा.
- 5 अगस्त को स्वायत्त शासन विभाग ने मुनेश गुर्जर को मेयर और पार्षद पद से निलंबित कर दिया.
- 23 अगस्त को मुनेश को कोर्ट से राहत मिली और मुनेश महापौर की कुर्सी पर फिर बैठ गईं.
- 1 सितंबर को राज्य सरकार ने मुनेश गुर्जर को निलंबित करने का फैसला वापस ले लिया.
- 22 सितंबर को फिर निलंबित किया गया था .
- 26 सितंबर को मुनेश गुर्जर ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी दिसंबर 2023 में फिर मेयर बन गई.
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