
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत रविवार को एकदिवसीय यात्रा पर अपने गृह नगर जोधपुर में रहे जहां इस दौरान उन्होंने मीडिया से अनौपचारिक बात करते हुए राजस्थान की गहलोत सरकार पर जमकर आरोप लगाए साथी प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने का दावा किया केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि राजस्थान में अबकी बार जिस बहुमत के साथ कमल खिलेगा, हम उसकी कल्पना भी नहीं कर सकते. राजस्थान में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार की उदासीनता व सरकार की प्राथमिकता लॉ एंड ऑर्डर सुधारना न होने के चलते, राजस्थान में ऐसे हालात हैं कि 'अपराधी बेखौफ हैं और आमजन डरा-सहमा है'.
जोधपुर में बढ़ते अपराधों से जुड़े सवाल पर शेखावत ने कहा कि केवल जोधपुर ही नहीं, पूरे राजस्थान में इसी तरह के हालात हैं. 17 रेप प्रतिदिन हो रहे हैं. हजारों की संख्या में मर्डर पिछले 5 साल में हुए हैं. लूटपाट, माफियाराज, गैंग की लड़ाइयां, इस तरह की घटनाएं राजस्थान में हो रही हैं. थानों से अपराधी बंदूक के दम पर छुड़ाए जा रहे हैं. पुलिस थानों और ऑफिस के बाहर राजस्थान पुलिस का स्लोगन लिखा होता है 'अपराधियों में डर और आमजन में विश्वास', सरकार की उदासीनता व सरकार की प्राथमिकता लॉ एंड ऑर्डर सुधारना न होने के चलते, राजस्थान में ऐसे हालात हैं कि अपराधी बेखौफ हैं और आमजन डरा-सहमा हुआ है.
शेखावत ने कहा कि हर ऐसे माता-पिता, जिसकी बेटी स्कूल, कॉलेज या काम के सिलसिले में बाहर जाती है, वो जब तक लौटकर घर नहीं आ जाती, तब तक माता-पिता की जान सांसत में रहती है उन्हें डर लगता है कि क्या पता मेरी बेटी सकुशल लौटेगी या नहीं? इस तरह की हालत के लिए सरकार जिम्मेदार है लेकिन सरकार शायद का इन सब विषयों से अब लेना-देना नहीं क्योंकि वो हर घटना के बाद में उस पर कार्रवाई मात्रा को अपना कर्तव्य समझ कर पीठ ठोकती नजर आती है.
कांग्रेसी राज का रिवाज बन गया 'महिलाओं का दमन'
जोधपुर के न्यू पावरहाउस क्षेत्र में महिला के शव मिलने पर शेखावत ने ट्वीट करते हुए लिखा कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध रोकने में सरकार की नाकामी सीएम कम गृहमंत्री गहलोत जी का गृह क्षेत्र भी भुगत रहा है. जोधपुर में महिला का क्षत विक्षत शव मिलना पुलिस की सतर्कता और निगरानी के दावे के फेल होने का एक और उदाहरण है. महिलाओं का दमन जैसे कांग्रेसी राज का रिवाज बन गया है. जोधपुर गहलोत जी की निष्क्रियता देख रहा है और समझ भी रहा है कि उनमें जन संवेदना का एक कतरा भी नहीं बचा है.
होने चाहिए छात्रसंघ चुनाव
गहलोत सरकार द्वारा शनिवार को आदेश जारी कर छात्रसंघ चुनाव स्थगित करने पर शेखावत ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है मैं मानता हूं कि छात्र राजनीति राष्ट्रीय राजनीति की पौधशाला है छात्रों का यह लोकतांत्रिक अधिकार बहाल होना चाहिए. छात्रसंघ चुनाव होने ही चाहिए छात्रसंघ चुनाव को जिन विषयों का हवाला देकर रोका गया है वह न तो प्रासंगिक हैं, न उचित छात्रसंघ चुनाव हों, मेरा पुरजोर समर्थन इस विषय को लेकर युवाओं के साथ है.