Vasundhara Raje: वसुंधरा राजे सिंधिया भारतीय जनता पार्टी की कद्दावर नेता है. वह जब भी मंच पर खड़ी होती हैं तो वसुंधरा राजे के बयानों से लोग अल-अलग उम्मीद रखते हैं. हालांकि कभी-कभी उनके बयान सियासी गलियारों में हलचल मचा देती है. ऐसा ही बयान उस वक्त आया जब वसुंधरा राजे अपने पुत्र सांसद दुष्यंत सिंह की जन संवाद यात्रा को हरी झंडी दिखाने झालावाड़ जिले के कामखेड़ा धाम पहुंची थी. वहीं अपने संबोधन में वसुंधरा ने ऐसा बयान दिया जिससे सियासी हलचल मचना तय माना जा रहा है.
यात्रा को रवाना करने से पहले राजे ने एक आम सभा को संबोधित किया जिसमें लगभग 20 मिनट से ज्यादा उन्होंने भाषण दिया, बाकी सब तो ठीक चलता रहा. लेकिन भाषण के अंत में वसुंधरा ने फिर कुछ ऐसा कह डाला जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. हालांकि राजे ने स्थानीय लोगों का हवाला देते हुए यह बात कही, लेकिन चर्चाओं का बाजार काफी गर्म है तथा इस बात को राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
वसुंधरा राजे ने क्या दिया बयान
मंच से वसुंधरा राजे ने कहा कि कल वह जब झालावाड़ आई तो कुछ लोगों ने उन्हें काम बताए और सहयोग करने के लिए कहा. लेकिन मैंने उन्हें कह दिया कि 'मैं तुम्हारे लिए क्या कर सकती हूं, मैं अपने आप को खुद ही नहीं बचा पाई मेरा ही सब कुछ चला गया.' राजे ने जैसे ही यह बात कही तो पूरा पंडाल ठाहकों से गूंज उठा. हालांकि की वसुंधरा राजे ने मुस्कुराते हुए मंच से इस बात को कहा, लेकिन इस बात के कई गंभीर मायने निकाले जा रहे हैं.
लोग अपना मानते हैं इसलिए अपेक्षाएं रखते हैं
हालांकि इस बात को कहने से पहले वसुंधरा राजे ने यह भी कहा था कि लोगों की अपनी-अपनी शिकायतें होती हैं, किसी को मकान नहीं मिल रहा है तो किसी के घर में पानी नहीं आ रहा है. वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इसलिए भी दुखी होते हैं कि दूसरे गांव में पानी क्यों आ रहा है. राजे ने कहा कि यहां के लोगों ने हमें बहुत प्यार दिया है तथा वह हमारे साथ कदम से कदम मिलाकर चलते आए हैं. यह साथ आगे भी ऐसे ही बना रहे हैं लोग अपेक्षाएं इसलिए रखते हैं कि वह हमें अपना मानते हैं.
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