राजस्थान निकाय चुनाव के पहले चरण के बाद बीजेपी-कांग्रेस ने अपने पार्षद प्रत्याशियों को एकजुट रखने की कवायद तेज कर दी है। बीजेपी इसे ‘प्रशिक्षण शिविर’ बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे चुनाव बाद संभावित जोड़तोड़ से बचने की रणनीति मान रही है।दोनों दलों के बीच बाड़ेबंदी, क्रॉस वोटिंग और निर्दलीय पार्षदों को लेकर सियासी घमासान जारी है। आखिर बोर्ड बनाने के गणित में किसकी रणनीति काम आएगी?