राजस्थान हाईकोर्ट ने बैंक अकाउंट फ्रीजिंग को लेकर एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस अनूप कुमार ढंड की एकल पीठ ने स्पष्ट किया है कि जब तक किसी खाताधारक की आपराधिक संलिप्तता पूरी तरह सामने न आ जाए, तब तक उसे खाते के संचालन की अनुमति दी जानी चाहिए। अदालत ने कहा कि बैंक खाते को पूरी तरह फ्रीज नहीं किया जा सकता और इसके लिए एसओपी (SOP) का पालन करना जरूरी है।