कोटा (Kota) शहर को "कैटल-फ्री" (Cattle-free) बनाने और पशुपालकों के जीवन स्तर में सुधार करने के उद्देश्य से, देवनारायण आवासीय योजना (Devnarayan Housing Scheme)को 20 किलोमीटर दूर विकसित किया गया था। यह योजना पशुपालकों को एक आधुनिक कस्बे में स्थानांतरित करने के लिए बनाई गई थी, जहां उन्हें आवास, पशुओं के लिए बाड़े, स्कूल, अस्पताल, दूध मंडी, गोबर गैस संयंत्र, और पुलिस चौकी जैसी सुविधाएं दी गई थीं। हालांकि, कोटा नगर विकास न्यास द्वारा योजना की ठीक से निगरानी और व्यवस्थाओं का अभाव होने के कारण, पशुपालक अब यहाँ से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं. योजना के तहत, पशुपालकों को एक बेहतर जीवन देने का वादा किया गया था, लेकिन व्यवस्थाओं की कमी से उन्हें सफाई, पानी, और अन्य बुनियादी सुविधाओं के मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है. देखिये पूरी खबर....