राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सियासी माहौल गरमा गया है। BJP 11 अक्टूबर को अपना संकल्प पत्र जारी करने जा रही है, वहीं कांग्रेस भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी है। इस बार चुनावी मुकाबला सिर्फ BJP और कांग्रेस तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा। BSP की सक्रिय एंट्री, भारत आदिवासी पार्टी, निर्दलीय उम्मीदवार और स्थानीय समीकरण चुनाव को और दिलचस्प बना रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या BSP दलित वोट बैंक में सेंध लगाएगी? क्या इसका फायदा BJP को मिलेगा या कांग्रेस को नुकसान होगा? और क्या तीसरा मोर्चा पंचायत चुनाव में गेम चेंजर साबित होगा?