वीडियो में नेता ने कहा कि FIR को लेकर चल रही लड़ाई अब धरने से आगे बढ़कर कोर्ट में लड़ी जाएगी. उनका आरोप है कि पुलिस ने कानून की गलत व्याख्या करते हुए लिखित में कहा है कि दूसरी जगह परिवाद दिए जाने पर FIR दर्ज नहीं होगी, जबकि BNSS की धारा 173(1) में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि मंडल ने तय किया है कि कोर्ट जाकर FIR दर्ज कराई जाएगी और गलत लिखकर देने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.