सवाई माधोपुर का रणथंभौर टाइगर रिजर्व इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों के लिए रोमांच का नया केंद्र बन गया है. इस रोमांच की वजह मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से आया चीता KP-2 है, जो बाघिन की टेरिटरी में दस्तक दे चुका है. वन विभाग की टीम ने इसे जोन नंबर-9 में देखा है, ठीक उसी क्षेत्र में जहां बाघिन T-127 का मूवमेंट है. अब एक अनोखा नजारा सामने आया है. चीता, लेपर्ड और बाघ जोन-9 में दिखे. इस दुर्लभ मौके को लेकर विशेषज्ञों में कौतूहल बना हुआ था कि आखिर इनके आमने-सामने के बाद क्या होगा.
पर्यटकों के कैमरे में कैद नजारा
वहीं, इस नजारे ने रणथंभौर आने वाले पर्यटकों को भी रोमांचित कर दिया. रविवार (19 अप्रैल) को टाइगर सफारी पर गए सैलानियों ने इस नजारे को कैद किया. इसमें चीता KP-2, लेपर्ड और बाघ एक ही जोन में नजर आए. वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, ये तीनों खूंखार वन्यजीव वैसे तो एक दूसरे के कट्टर दुश्मन माने जाते हैं. लेकिन वीडियो सामने आने के बाद नजारा कुछ और ही था. बाघिन, लेपर्ड और चीता की एक-दूसरे से पर्याप्त दूरी नजर आई.
वन विभाग ने शेयर किया वीडियो
Ranthambhore: Jaane kya Dikh Jaaye!
— Arijit Banerjee (@orijeet) April 19, 2026
Shunned by most, and certainly by the omniscient, Zone #9 is not just picturesque. Tourists today saw a Tiger (no surprises there), a Leopard on the stroll (kool), and a Cheetah!@ForestRajasthan would you advise people choose the less… pic.twitter.com/R9f6F9U3X9
चीता के मूवमेंट पर लगातार नजर
रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह के मुताबिक, चीता KP-2 ने 14 फरवरी को राजस्थान में प्रवेश किया और चंबल नदी पार कर रणथंभौर पहुंचा था. पिछले तीन-चार दिनों से इसका मूवमेंट जोन-9 में बना हुआ है. इस जोन में बाघिन T-127, बाघ T-108 और कई तेंदुओं का भी नियमित मूवमेंट रहता है. वन विभाग की टीम चीते की 24×7 मॉनिटरिंग कर रही है.
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