
Cyber Fraud News: राजस्थान के जयपुर में SOG की टीम ने साइबर ठगों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है. जिसमें उन्होंने ठगी करने वाले गिरोह को 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिनके पास से टीम ने 13 लाख रुपए, 27 मोबाइल फोन, 43 डेबिट कार्ड और 39 पासबुक बरामद भी बरामद किए हैं. आप को बता दे कि यह वही गिरोह है, जिन्होंने कुछ महीने पहले अजमेर की एक वृद्ध महिला को डिजिटल अरेस्ट करके उसके खाते से 80 लाख रुपये ठग लिए थे.
इसके साथ ही इस गिरोह की देश के कई बड़े मामलों में संलिप्तता होना का अंदेशा जताया जा रहा है. सभी आरोपियों से SOG द्वारा पूछताछ की जा रही है. जिसमें बड़े खुलासे होने की प्रवल संभावना है.
जाने ठगी की पूरी प्रक्रिया
SOG की प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के सदस्य राकेश गांवरिया, दिलीप कुमार मीणा, सुमर्थ, रजनेश, अंकित मीणा, राहुल शर्मा, मनराज गुर्जर साथियों को उपलब्ध कराते थे. यह लोग जो खाते उपलब्ध कराते थे, उन्हीं खातों में ठगी से आए रुपए जमा करवाये जाते थे. इसके बाद दिलखुश मीणा इन सभी खातों का कार्ड और किट अपने दूसरे साथी संजीत, संदीप और चैनसिंह को देता था.
जिसके बाद संजीत और चैनसिंह इन खातों से नकदी निकालने का काम करते थे. फिर निकाली गई नकद राशि को तरुण वर्मा, देवेंद्र सिंह, विनेश और बृज किशोर तेमानी को दी जाती थी. यह तीनों उसे क्रिप्टो में बदलते थे. इस तरह ठगी की पूरी वारदात को अंजाम दिया था.
यह था मामला
अजमेर जिले के क्रिश्चियन गंज थाना क्षेत्र में रहने वाली एक रिटायर्ड गवर्नमेंट टीचर साइबर ठगों की चपेट में आ गईं थी. शातिर ठगों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए उनके खाते में आय से अधिक संपत्ति होने का डर दिखाया और वीडियो कॉल कर पीड़ित बुजुर्ग महिला के खाते से RTGS करवाकर 80 लाख रुपये अलग-अलग अकाउंट में डलवा लिए थे.