
Jaipur Court: जयपुर में 13 मार्च, 2008 को 8 सीरियल बम ब्लास्ट के बाद जिंदा बम मिलने के मामले में सुनवाई टल गई है. चांदपोल के रामचंद्र मंदिर के पास मिले जिंदा बम मामले में अब 4 अप्रैल को फैसला आएगा. करीब 17 साल पहले हुए बम ब्लास्ट के दौरान मंदिर के पास जिंदा बम भी मिले थे, आज इस मामले में फैसला आने की संभावना जताई जा रही थी. लेकिन तकनीकी कारणों के चलते फैसला टल गया. अब अगले महीने कोर्ट निर्णय जारी करेगी.
4 आरोपियों के खिलाफ दर्ज है मामला
फिलहाल, जिंदा बम प्लांट करने के मामले में 4 आरोपियों पर सुनवाई पूरी हो चुकी है. इन्हीं आरोपियों के मामले में कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है. सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ता मिनहाजुल और डॉ. इकराम कोर्ट पहुंचे थे. इसके बाद कोर्ट ने सभी पक्षों के अधिवक्ताओं को फैसले के टाले जाने की जानकारी दी.
जयपुर बम ब्लास्ट केस में सुप्रीम कोर्ट में चल रही है सुनवाई
20 दिसंबर 2019 को जयपुर बम ब्लास्ट की विशेष अदालत ने सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी और एक अन्य नाबालिग (जिसे बाद में हाईकोर्ट ने घटना के समय नाबालिग माना) को फांसी की सजा सुनाई थी. वहीं, एक आरोपी शाहबाज अहमद को बरी कर दिया था.
इसके बाद एटीएस ने जिंदा बम मामले में इन सभी आरोपियों को 25 दिसंबर 2019 को जेल से गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने 29 मार्च 2023 को विशेष अदालत का फैसला पलटते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था. हाईकोर्ट के फैसले के बाद पीड़ितों की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में पहली SLP दायर की गई थी.
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