
NIA raids in Dungarpur: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की रडार पर अब डूंगरपुर जिला भी आ गया है. एजेंसी ने 13 दिसंबर को डूंगरपुर जिले के गलियाकोट में छापेमारी की. इसके बाद 6 अधिकारियों की टीम ने मौलाना को थाने लाकर से करीब 7 घंटे तक पूछताछ की. गुजरात में हिम्मतनगर के निवासी मौलाना सलमान पुत्र अब्दुल जलील गलियाकोट में मदरसे में बच्चों को पढ़ाते हैं. एनआई की छापेमारी (NIA raids) को जैश-ए-मोहम्मद की आतंकी साजिश से जुड़े मामले में कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि कार्रवाई को लेकर स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है.
मौलाना का मोबाइल ले गई NIA
सूचना है कि एनएआई की टीम मौलाना का मोबाइल भी अपने साथ ले गई है. एसपी मोनिका सेन ने बताया कि एनआईए की टीम गुरुवार तड़के करीब 4 बजे डूंगरपुर के चितरी थाना क्षेत्र में गलियाकोट में आई थी. यहां मौलाना सलमान के घर पहुंची और छापेमारी की गई. इस दौरान मौलाना से पूछताछ शुरू की गई. इसके बाद मौलाना को चितरी थाने ले जाया गया. एनआईए के 6 अधिकारियों की टीम ने करीब 7 घंटे तक मौलाना से पूछताछ की. जानकारी यह भी सामने आ रही है कि आतंकी साजिश और फंडिंग को लेकर भी मौलाना से पूछताछ की गई है.
गुजरात और मध्यप्रदेश के केंद्र में ऐसी कार्रवाई से हड़कंप
गुजरात और मध्यप्रदेश के केंद्र में स्थिति डूंगरपुर जिले में एनआईए की छापेमारी की सूचना भी तेजी से फैली. अरावली पहाड़ी और जंगलों से घिरे इस क्षेत्र में हाईवे कनेक्टिवटी भी बेहतर है. ऐसे में पिछले कुछ वर्षो से बाहर के लोगों की उपस्थिति बढ़ी है. पड़ोसी राज्यो में वारदात को अंजाम देने के बाद कई बदमाश यही शरण भी लेते नजर आए हैं. इसके पहले भी कई वजहों से इस आदिवासी अंचल में केंद्रीय जांच एजेंसी एक्टिव रह चुकी हैं.
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