
Karwa Chauth Vidhi step by step in hindi: पति- पत्नी का रिश्ता सबसे पवित्र माना जाता है. इसमें जितना प्रेम और विश्वास हो ये उतना ही फलता- फूलता है और इसी विश्वास की डोर को और मजबूत करने वाला त्योहार है करवा चौथ (karwa chauth katha) का व्रत. ये वो व्रत है जिसे हर सुहागन महिला रखती है. पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और अपने रिश्ते को और अटूट बनाने के विश्वास से भारत की तमाम सुहागिन महिलाएं बड़े ही श्रद्धा और विश्वास से इस व्रत को रखती हैं और अगर करवा चौथ की पूजा (karwa chauth vidhi) विधिवत तरिके से संपूर्ण की जाए तो करवा मां का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है. तो चलिए यहां आपको बताते हैं करवा चौथ की संपूर्ण विधि और पूजा सामग्री की (karwa chauth saman list) वह लिस्ट जो जानना आपके लिए है जरूरी.
करवा चौथ व्रत का महत्व
करवा चौथ का व्रत विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है. इस व्रत के पीछे एक पौराणिक कथा है, जिसके अनुसार देवी पार्वती ने अपने पति भगवान शिव की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा था. देवी पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया कि जो भी महिला करवा चौथ का व्रत रखेगी, उसके पति की लंबी आयु होगी.

करवा चौथ व्रत की कथा
करवा चौथ की कथा देवी पार्वती और भगवान शिव से जुड़ी हुई है. एक समय की बात है, जब देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी. तपस्या के दौरान देवी पार्वती को बहुत भूख लगी, लेकिन उन्होंने अपनी तपस्या नहीं छोड़ी. भगवान शिव उनकी तपस्या से प्रसन्न हुए और उन्होंने उन्हें वरदान दिया.
देवी पार्वती ने भगवान शिव से वरदान मांगा कि उनका पति हमेशा उनके साथ रहे और उनकी मृत्यु के बाद भी वह उनके साथ ही रहें. भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया कि वह अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखें. करवा चौथ के दिन देवी पार्वती ने निर्जला व्रत रखा और चंद्रमा को अर्घ्य दिया. भगवान शिव की कृपा से देवी पार्वती को पति के रूप में भगवान शिव प्राप्त हुए और वह उनके साथ हमेशा के लिए रह सकें.
करवा चौथ व्रत की पूजा विधि
करवा चौथ के दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नान करती हैं और नए कपड़े पहनती हैं. फिर वे करवा चौथ की पूजा करती हैं. करवा चौथ की पूजा में महिलाएं करवा, सुहाग सामग्री, रोली, अक्षत, फूल, माला, अगरबत्ती, धूप, दीपक आदि रखती हैं.
करवा चौथ की पूजा की विधि इस प्रकार है:
- सबसे पहले महिलाएं करवा चौथ की चौकी सजाती हैं. चौकी पर करवा, सुहाग सामग्री, रोली, अक्षत, फूल, माला, अगरबत्ती, धूप, दीपक आदि रखती हैं.
- फिर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं.
- इसके बाद महिलाएं करवा चौथ की कथा सुनती हैं.
- अंत में महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं.

करवा चौथ 2023 तिथि और शुभ मुहूर्त (Karwa Chauth 2023: Date And Puja Time)
इस साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 1 नवंबर 2023, बुधवार को है. इसी दिन पूरे देश के अलग-अलग हिस्सों में करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा. अगर बात करें शुभ मुहूर्त कि तो-
करवा चौथ पूजा शुभ मुहूर्त-शाम 5:36 बजे से 6:54 बजे तक
व्रत का शुभ मुहूर्त-सुबह 6:33 बजे से शाम 8:15 बजे तक
अमृत काल मुहूर्त-शाम 7:34 बजे से रात 9:13 बजे तक
करवा चौथ व्रत के नियम
करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को निम्नलिखित नियमों का पालन करना चाहिए:
- करवा चौथ के दिन महिलाएं दिन भर निर्जला व्रत रखती हैं.
- करवा चौथ की पूजा के दौरान महिलाएं लाल रंग के कपड़े पहनती हैं.
- करवा चौथ की कथा सुनने के बाद महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं.
- चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही महिलाएं व्रत खोलती हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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