
Rajasthan News: भारत में 'शिक्षा नगरी' के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाला कोटा (Kota) शहर अब इनोवेशन के क्षेत्र में भी कमाल कर रहा है. यहां के बच्चे ऐसे-ऐसे गैजेट्स बना रहे हैं जो आम लोगों की जिंदगी आसान बनाने में मदद कर रहे हैं. बच्चों की इसी काबिलियत को देखते हुए कोटा के एक छात्र को भारत सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PM Bal Puraskar) से नवाजने का ऐलान किया है. इस बच्चे का नाम आर्यन सिंह (Aryan Singh) है, जिसने किसानों के लिए मददगार बनने वाला रोबोट बनाया है, जिसकी चर्चा अब देशभर में हो रही है.
केंद्रीय कृषि मंत्री ने की थी तारीफ
आर्यन के पिता जितेंद्र सिंह, कोटा के डीसीएम इलाके के इंदिरा गांधी नगर में ईमित्र का संचालन करते हैं. आर्यन सिंह का नाम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार में नाम शामिल होने के बाद परिवार में उत्साह का माहौल है. आर्यन ने बताया कि उन्होंने जो रोबोट का इनोवेशन किया है वह किसानों के लिए मददगार साबित होगा. नीति आयोग ने भी उनके इस इनोवेशन को सराहा है. साथ ही बीते दिनों कोटा में आयोजित हुए कृषि मेले में रोबोट के प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी इसकी सराहना की है. उनके इनोवेशन को जल्द ही सरकार किसानों के लिए उपलब्ध करवाएगी. इसके लिए लगातार कार्य किया जा रहा है.

पीएम बाल पुरस्कार विजेता आर्यन सिंह का इनोवेशन.
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आर्यन के रोबोट की क्या खासियत?
आर्यन सिंह ने बताया कि केन्द्र सरकार के नीति आयोग के अधिकारियों के निर्देशन में तैयार किया है. इसकी खासियत यह है कि ये एग्रो बोट सिस्टम से खेत की सुरक्षा का काम करेगा. इसके माध्यम से खेत में बुवाई, खुदाई और वाटर सप्लाई की मॉनिटरिंग की जा सकेगी. फिलहाल इस रोबोट की नीति आयोग के यहां टेस्टिंग चल रही है. वहां से अप्रूवल मिलने के बाद वह किसानों को उपलब्ध होगा. इसे खासकर 'क्रोप प्रोटेक्शन सिस्टम' यानी खेतों की निगरानी के लिए बनाया गया है. खेत में किसी के भी प्रवेश करने पर यह सम्बंधित किसानों को मोबाइल अलर्ट कर देगा. इससे फसल की सुरक्षा भी हो सकेगी.
कुल ₹50 हजार में बनाया रोबोट
आर्यन सिंह ने बताया कि रोबोट बनाने के लिए फिलहाल ₹50000 का खर्च आया है. नीति आयोग के निर्देशन में इसकी टेस्टिंग की जा रही है. यह पूर्णतया सुरक्षित एवं किसानों के लिए मददगार साबित होगा. इसमें अन्य सुरक्षा उपकरण टेक्नोलॉजी आदि के विस्तार के लिए साइंटिस्ट जो भी सुझाव देंगे, उनको अपना कर किसानों को जल्द उपलब्ध करवाने की सरकार की योजना है.