Bikaner News: बज्जू क्षेत्र के रणजीतपुरा में नाबालिग छात्रा की हत्या के मामले में कई दिनों से जारी गतिरोध आज प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद टूट गया. प्रशासन और परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद पीड़ित पक्ष पोस्टमार्टम करवाने के लिए तैयार हो गया. साथ ही धरना भी शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कर दिया गया.
रणजीतपुरा गांव के पास बनी ढाणियों में रहने वाली छात्रा 21 फरवरी को अपने 8वीं बोर्ड का पेपर देने घर से निकली थी, लेकिन स्कूल नहीं पहुंची. पेपर शुरू होने के बाद भी जब वह विद्यालय नहीं पहुंची तो अध्यापकों ने परिजनों को सूचना दी. परिजन तुरंत छात्रा की तलाश में जुट गए. काफी मशक्कत के बाद छात्रा का अर्धनग्न शव झाड़ियों के पास मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई.
छात्रा की निर्मम हत्या को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया. ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने परिजनों के साथ बज्जू अस्पताल के सामने धरना शुरू कर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की. प्रशासन और धरनार्थियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन हर बार बातचीत विफल रही.
चौथे दिन आरोपी को किया डिटेन
घटना के चौथे दिन एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी को डिटेन कर लिया गया है. आरोपी का नाम श्याम सुंदर बताया गया. इसके बाद छात्रा का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया. पुलिस ने मामले की जांच के लिए दस अलग-अलग टीमें गठित की थीं.
ये बनी सहमति
प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर करने की जानकारी दी गई, जबकि अतिरिक्त पांच लाख रुपये की सहायता प्रस्तावित की गई है. परिवार के एक सदस्य को संविदा पर सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू करने का भरोसा भी दिया गया. इसके अलावा मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की सिफारिश और पीड़ित परिवार को अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने का आश्वासन भी प्रशासन ने दिया. सभी बिंदुओं पर लिखित सहमति मिलने के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गए और लंबे समय से चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया.
भामाशाहों की आर्थिक मदद
पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी धरनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर आर्थिक सहायता देने की घोषणा की. उनके आह्वान पर समाज, विभिन्न संगठनों और भामाशाहों की ओर से सहयोग राशि एकत्रित होकर करीब साठ लाख रुपये से अधिक तक पहुंच गई.
आरोपी की गिरफ्तारी और प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद छात्रा का पोस्टमार्टम कर दिया गया और धरना समाप्त हो गया. हालांकि यह घटना समाज के सामने कई सवाल छोड़ गई है. जिले में स्कूल जाती छात्रा के साथ पिछले दिनों में यह तीसरी घटना है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब बालिकाओं का अकेले स्कूल जाना सुरक्षित नहीं रहा? क्या आरोपियों को कड़ी सजा मिलेगी? और उन अभिभावकों का क्या, जो ढाणियों में रहते हैं और जिनकी बेटियां रोज अकेले स्कूल जाती हैं.