राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) लगातार भ्रष्ट सरकारी कर्मचारियों पर शिकंजा कस रही है. एसीबी ने एक दिन पहले कोटपूतली बहरोड़ जिले में एक पटवारी को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था जिसने साढ़े 5 बीघा ज़मीन के मामले में 15 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी. एसीबी ने कल, 24 फरवरी को सवाई माधोपुर में एक ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) जगदीश प्रसाद मीणा को भी 1,00,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. इसके एक दिन बाद आज, 25 फरवरी को एसीबी की टीम ने धौलपुर जिले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को 50000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है.
एसीबी के पास आई थी शिकायत
एसीबी के एडिशनल एसपी ज्ञानचंद मीणा बताया कि जयपुर एसीबी मुख्यालय के पास एक परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी. इसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बसई सामन्ता ग्राम पंचायत में तैनात पटवारी वीरेंद्र शर्मा जमीन का दाखिला खोलने के एवज में 50000 की रिश्वत की मांग कर रहा है. इसके बाद एसीबी ने परिवादी की शिकायत का सत्यापन करवाने के बाद पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार करने की रणनीति बनाई.
ट्रैप कर रंगे हाथों पकड़ा
एसीबी ने जाल बिछाकर परिवादी को पटवारी के घर धौलपुर स्थित कायस्थ पाड़ा में रिश्वत की राशि देने के लिए भेजा. एसीबी की टीम ने सुनियोजित तरीके से घेराबंदी की हुई थी. जैसे ही पटवारी ने रिश्वत की राशि वैसे ही एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया और उसके कब्जे से 50000 की रिश्वत की राशि बरामद की.
वर्ष 2016 में भी हो चुका है ट्रैप
इस कार्रवाई में एक दिलचस्प बात यह रही कि एसीबी ने इसी पटवारी को 10 साल पहले भी ट्रैप किया था. वर्ष 2016 में सैपऊ तहसील में जमीन का म्यूटेशन खोलने के एवज में एसीबी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी. यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा है.
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