Baran News: बारां जिले के अंता कस्बा सहित 44 गांवों को आज( शुक्रवार ) बड़ी राहत मिली है. अंता-नागदा-बलदेवपुरा पेयजल परियोजना का फिल्टर प्लांट चालू हो गया, जो पिछले 10 माह से बंद था. क्योंकि यहां का रखरखाव करने वाले 30 ठेकाकर्मी वेतन नहीं मिलने से वाटर फिल्टर प्लांट बंद करके हड़ताल पर थे जो आज तीसरे दिन काम पर लौटे है.
दो महीने के पेमेंट के भुगतान का दिया आश्वासन
नागदा गांव स्थित अंता -नागदा - बलदेवपुरा पेयजल परियोजना के वाटर फिल्टर प्लांट पर पिछले तीन दिनों से तालाबंदी थी.शुक्रवार( आज) अंता नगर पालिका के पूर्व चैयरमैन रामेश्वर खंडेलवाल और बीजेपी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारी कर्मचारियों से समझाइश की, जिसमें दो महीने के पेमेंट के भुगतान का आश्वासन मिलने के बाद ठेकाकर्मा काम पर लौटने के लिए राजी हुए और तुरंत पंप चालू किए गए.
तीन दिन से ट्यूबवेल का फ्लोराइड पानी पीने को मजबूर थे लोग
पेमेंट का भुगतान नहीं होने के कारण नाराज ठेका कर्मियों ने तीन दिन पहले प्लांट बंद कर हड़ताल की जिससे अंता कस्बे सहित 44 गांवों में पेयजल संकट गहरा गया था. प्लांट बंद होने से फिल्टर पानी की सप्लाई रुक गई थी, जिसके कारण ग्रामीणों को मजबूरी में निजी ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ा. क्षेत्र में फ्लोराइड की समस्या होने के कारण यह पानी सेहत के लिए भी हानिकारक था.कर्मचारियों के काम पर लौटने के बाद अब रॉ-वाटर को फिल्टर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उसके बाद परियोजना की सभी टंकियां फिल्टर पानी से भरी जाएगी और शाम 6 बजे तक प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं तक पानी पहुंचेगा.
कर्मचारियों ने दी चेतावनी
इधर, ठेका कर्मियों ने कहा है कि अगर उन्हें दिया गया आश्वासन टूटा और पेमेंट का भुगतान नहीं हुआ तो वह फिर से हड़ताल पर चले जाएंगे. पूर्व अध्यक्ष रामेश्वर खंडेलवाल ने कहा कि प्रोजेक्ट के राजीव सिंघल के आश्वासन पर ठेकाकर्मी 2 महीने के वेतन भुगतान के आश्वासन पर मान गए हैं फिर से काम पर लौट आए हैं। वाटर फिल्टर प्लांट की अव्यवस्थाएं दुरुस्त हो इसके लिए वह जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी से मुलाकात करेंगे.
Report: Arjun Arvind
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