
राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य का सियासी पारा हाई है. सत्तापक्ष की ओर से नई-नई योजनाओं की घोषणा की जा रही है. तो दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल भाजपा राज्य सरकार की नाकामियों को उजागर कर रही हैं. साथ ही केंद्र की नीतियों का बखान भी किया जा रहा है. राजस्थान चुनाव को लेकर भाजपा मेनिफेस्टो कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन राम मेघवाल लगातार राजस्थान में कैंप कर रहे हैं. इसी कड़ी में गुरुवार को उन्होंने राजस्थान की गहलोत सरकार पर जमकर हमला बोला है. जयपुर में एक पीसी में मेघवाल ने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान में विकास ठप है, कांग्रेस सरकार अपनी कुर्सी बचाने व्यस्त है. मुफ्त की योजनाओं पर मेघवाल ने कहा कि हम मुफ्त योजनाओं पर विश्वास नहीं करते, समाज के सभी वर्ग के लोगों को सशक्त बनाने पर हमारा जोर है.
दरअसल गुरुवार को केन्द्रीय कानून मंत्री और बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में वर्तमान सरकार पर तीखे वार किए. उन्होंने दलित स्टडी सेन्टर की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए बताया कि दलित समाज ने मोदी पर जब भी भरोसा किया उन्हें बदले में बेहतर जीवन की सुविधाएं मिली है.
2019 में 39 प्रतिशत दलितों का वोट भाजपा को मिलाः मेघवाल
दलित स्टडी सेंटर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मेघवाल ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में 36 प्रतिशत दलित वोट प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व के चलते भाजपा को हासिल हुए. 2019 के लोकसभा चुनाव में यह प्रतिशत 39 प्रतिशत हो गया. इस आधार पर हम कह सकते हैं कि दलित समाज के वोटरों का भाजपा की "समानता के भाव की नीति" का गहरा असर हुआ है.
समानता के अधिकार का हमने शुरू की पहल
अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि भारत रत्न भीमराव अंबेडकर ने भी संविधान लागू होने के बाद कहा था कि हम एक विरोधाभासी क्षेत्र में कदम रख रहे हैं. जहां लोकतांत्रिक समानता वोट के आधार पर तय तो होगी और जहां ‘‘एक वोट एक मूल्य होगा'' लेकिन सामाजिक क्षेत्र में असमानता की चुनौती होगी. इसके बाद सवाल यह उठा कि इस सामाजिक असमानता को दूर कौन करेगा. 2014 में सत्ता में आते ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैंकेया नायडू की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई और इस दिशा में काम करना शुरू किया.
मेघवाल ने आगे कहा कि 2014 के बाद सूदूर गांवों में बिजली की असमानता को दूर किया गया, पीएम आवास योजना में गरीबों को घर दिया गया, स्वच्छता अभियान के तहत 11.5 करोड शौचालय बनवाए. इन कामों के बाद अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों में यह विश्वास आया कि मोदी सरकार ही वह बेहतर विकल्प है. उन्होंने कहा कि मैं दावे से कह सकता हूं कि आगामी 2023 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में दलित समाज भाजपा के साथ रहेगा .
सभी को सशक्त बनाने पर हमारा जोरः मेघवाल
दलितों का साथ भाजपा को मिलने की बात पर उन्होंने कहा कि आज भाजपा की सदस्यता लेने वालों में अधिकांश दलित समाज के लोग हैं, राजस्थान में विकास ठप है. कांग्रेस सरकार अपनी कुर्सी बचाने में व्यस्त है. हम मुफ्त योजनाओं में विश्वास नहीं रखते हम समाज और नागरिकों को सशक्त बनाने पर जोर देते हैं. मालूम हो कि बीते कुछ साल से देश में मुफ्त की योजनाओं (फ्री रेवड़ी) का खूब हल्ला है, कई राजनीतिक पार्टियों लोकलुभावनी फ्री योजनाओं की घोषणा कर वोटरों को अपने पक्ष में कर रही हैं.