
राजस्थान विधानसभा चुनाव में शानदर प्रदर्शन करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीत हासिल की है. राजस्थान में भाजपा ने कमल के निशान पर चुनाव लड़ा था लेकिन अब बीजेपी विधायक दल के नेता को चुनने की प्रक्रिया शुरू करनी है, हालांकि कुछ नामों को लेकर लोगों में चर्चा जरुर है लेकिन पार्टी की ओर से अभी कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है. भाजपा के नेता बालकनाथ ने उन्हें राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाए जाने संबंधी अटकलों से जुड़े सवालों को टाल दिया.
भाजपा ने राजस्थान विधानसभा की 199 सीट के लिए हुए चुनाव में 115 सीट पर जीत दर्ज कर सत्ता में वापसी की है. कांग्रेस ने 68 सीट जीती हैं. हर पांच साल में राजस्थान में सत्ता बदल जाने के रिवाज को उलटने की उसकी उम्मीद इस चुनाव में अधूरी रह गई.
सीएम की रेस में बालकनाथ को माना जा रहा है आगे
चुनाव परिणामों के बाद बालकनाथ के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे होने की अटकलें लगाई जा रही हैं. अन्य दावेदारों में भाजपा की दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, जयपुर राजघराने की सदस्य दीया कुमारी, पार्टी सांसद व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सी पी जोशी और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल हैं.
'प्रधानमंत्री के नाम पर मिले वोट'
बालकनाथ से जब चुनाव परिणामों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह सब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन की वजह से है. भाजपा को सारे वोट उनके नाम पर मिले.''
'जो जिम्मेदारी मिलेगी स्वीकार करेंगे'
इस सवाल पर कि क्या वह राज्य में कोई जिम्मेदारी स्वीकार करेंगे जो पार्टी उन्हें देगी, उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपना जीवन जनसेवा के लिए समर्पित कर दिया है. मैं पार्टी की सेवा कर रहा हूं, मैं लोगों की सेवा में लगा हुआ हूं.'' भाजपा ने राजस्थान के अलवर से सांसद और महंत बालकनाथ को तिजारा से विधानसभा चुनाव मैदान में उतारा था. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार इमरान खान को 6,173 मतों के अंतर से हराया.
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