
Balotra News: राजस्थान के बालोतरा जिले में तीन दिन पहले लूणी नदी में एक बोलेरो जीप पलट जाने की घटना के बाद से नदी में डूबे लोगों की तलाश में रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. इस हादसे में एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए थे. प्रशासन के जरिए चलाए गए इस सर्च ऑपरेशन में SDRF की तीन टीमों ने 40 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दो शव बाहर निकाले हैं. हादसे में लापता हुए तीन लोगों में से दो के शव बरामद हो चुके हैं, लेकिन आठ महीने के एक मासूम का शव अब भी लापता है, जिसकी तलाश लगातार जारी है.
क्या है पूरा मामला?
शेरगढ़ के नृसिंगपुरा गांव के रहने वाले पेमाराम जाट ने दो बेटियों के बाद बेटे की चाह में जसोल की रानी भटियाणी माता मंदिर में मन्नत मांगी थी. करीब 8 महीने पहले उनके घर बेटे का जन्म हुआ, जिसकी खुशी में वे पूरे परिवार के साथ मंदिर जा रहे थे. पेमाराम अपनी पत्नी, दो बेटियों, 8 महीने के बेटे और मां के साथ गांव के ही पुजारी (भोपाजी) के साथ जसोल के लिए निकले थे.
रास्ता भटकने से हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि बालोतरा के पास वे रास्ता भटक गए और जसोल-बालोतरा औद्योगिक क्षेत्र वाले मार्ग पर चले गए. इस रास्ते में लूणी नदी की रपट पर करीब 2 फीट पानी था. पेमाराम ने देखा कि एक और गाड़ी (कैम्पर) नदी पार कर रही है, तो उन्होंने भी अपनी जीप पानी में उतार दी. लेकिन बीच रास्ते में जीप का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में पलट गई.लेकिन बीच रास्ते गाड़ी का संतुलन बिगड़ने पर जीप रपट से उतर कर गहरे पानी मे गिर गई.पेमाराम जैसे तैसे जीप से बाहर निकल आया लेकिन बाकी परिवार बाहर नहीं निकल सका. वहीं तरीबन आधे घण्टे बाद जीप चालक को भी जिन्दा बचा लिया गया लेकिन बाकी को बचाया नहीं जा सका.
इन लोगों की हुई मौत
हादसे में मीरोदेवी (32), उर्मिला (7), पूजा (3), कबुदेवी(59) राणीदान सिंह(55) और 8 साल के मासूम की मौत हो गई ,वही ड्राइवर देवाराम और परिवार के मुखिया पेमाराम घायल हो गए थे.