
सांगानेर के भाजपा विधायक को मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लेने के साथ ही अब प्रदेश में ब्राह्मण समाज से आने वाले मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक दलों और लोगों में चर्चाओं को दौर शुरू हो गया है, लेकिन प्रदेश को पहला ब्रह्मण मुख्यमंत्री कांग्रेस ने 50 साल पहले ही दे दिया था. हम बात कर रहे हैं तीन बार के मुख्यमंत्री रहे पूर्व मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी की.
हरिदेव जोशी 3 बार राज्य के सीएम रहे
हरिदेव जोशी ने पहला कार्यकाल 29 अप्रैल 1977 तक पूरा किया. इसके बाद हरिदेव जोशी दूसरी बार 10 मार्च 1985 से लेकर 20 जनवरी 1988 तक मुख्यमंत्री रहे और अंत में 4 दिसम्बर 1989 से 4 मार्च 1990 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया. इसके साथ ही वह असम, मेघालय और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल भी रहे.
राजस्थान में जातिगत समीकरण
पिछली जनगणना के अनुसार, राजस्थान की जनसंख्या में 89 प्रतिशत हिंदू, 9 प्रतिशत मुस्लिम और 2 प्रतिशत अन्य धर्मों के व्यक्ति शामिल हैं. अनुसूचित जाति की जनसंख्या 18 प्रतिशत है, जबकि अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 13 प्रतिशत है. अनुमान के अनुसार, जाट समुदाय की आबादी 12 प्रतिशत है, गुर्जर और राजपूत समुदायों में से प्रत्येक का 9 प्रतिशत हिस्सा है. ब्राह्मण और मीणा समुदाय की जनसंख्या 7-7 प्रतिशत है.
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