Rajasthan News: राजस्थान में आपातकाल के मीसा बंदियों की पेंशन अब नहीं रुकेगी. अब उन्हें तय समय पर पेंशन की रकम मिल जाएगी. इसके लिए भजनलाल सरकार ने विधानसभा में सेनानियों के सम्मान में बिल पेश किया है. जानकारी के अनुसार, सरकार की इसी सत्र में बिल को पास कराने की मंशा है. भजनलाल सरकार की तरफ से बिल में 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
लोकतंत्र सेनानी कहलाएंगे मीसा बंदी
मंगलवार को राजस्थान विधानसभा में पेश किए मीसा बंदियों से जुड़े बिल में उनके लिए मेडिकल सुविधाओं और रोडवेज में फ्री यात्रा का प्रावधान किया गया है. वहीं, इमर्जेंसी के दौरान राजनीतिक सामाजिक कारणों से जेल जाने वाले बंदी मीसा बंदी नहीं, लोकतंत्र सेनानी कहलाएंगे. नए बिल के पास होने के बाद अब बंदियों की पेंशन नहीं रुकेगी. इसके साथ ही मीसा बंदी की मौत होने पर उनकी पत्नी या पति को पेंशन दी जाएगी.
पेंशन के हर महीने मिलते 20 हजार रुपये
विधानसभा में पेश किए गए बिल में 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. बता दें कि भजनलाल सरकार ने कैबिनेट की पहली बैठक में राज्य के मीसा बंदियों को हर महीने 20 हजार रुपये पेंशन देने का फैसला किया था. राजस्थान में मीसा बंदियों को पेंशन देने की शुरूआत 2003 में वसुंधरा राजे सरकार ने शुरू किया था. उस समय हर महीने 6000 हजार रुपये पेंशन और 600 रुपये चिकित्सा सहायता देने की घोषणा की गई है.
कांग्रेस सरकार ने दो बार बंद की पेंशन
इसके बाद राज्य में कांग्रेस सरकार आने पर पेंशन देना बंद कर दिया गया. जब फिर वसुंधरा राजे की सरकार राजस्थान में आई तो 6000 हजार रुपये से बढ़ाकर 12000 रुपये पेंशन और 1200 रुपये चिकित्सा सुविधा देना का ऐलान किया हुआ. वहीं, वसुंधरा राजे के बाद जब राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार बनी तो फिर से इसे बंद कर दिया गया था.
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