
अपनी ही सरकार के कई फैसलों के खिलाफ पत्र लिखकर सुर्खियों में रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री और सांगोद से विधायक भरत सिंह एक बार फिर कोटा विकास प्राधिकरण के बिल को लेकर सरकार के खिलाफ खड़े हो गए हैं. दरअसल कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) को भू माफियाओं द्वारा तैयार किया गया बिल बताया है. बिल के विरोध में भरत सिंह ने अपने समर्थकों के साथ राज्यपाल के नाम संभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपने पहुंचे और बिल को वापस लेने की मांग का ज्ञापन सौंपा.
मीडिया से मुखातिब हुए भरत सिंह ने महाभारत के युद्ध में अर्जुन का जिक्र करते हुए अपनी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महाभारत के युद्ध मे अर्जुन ने सामने रिश्तेदार देखकर बाण पटक दिए थे। में भी मेरे पार्टी के रिश्ते को सोच लूं ओर बाण पटक दूं। फिर गीता का मतलब क्या हुआ? ये गलत हो रहा है। सामने वाले गलत काम कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि कोटा विकास प्राधिकरण, मुख्यमंत्री की बजट घोषणा हैं. हमारे क्षेत्र के 10 गांव को प्राधिकरण का हिस्सा बनाया गया है. कोटा और बूंदी के कुल 86 गांव प्राधिकरण में शामिल किए गए है.
जनप्रतिनिधियों की राय नहीं लेने का लगाया आरोप
कोटा विकास प्राधिकरण के गठन का बिल पास होने के बाद से लगातार विधायक भरत सिंह प्राधिकरण के बढ़े हुए दायरे को लेकर आरोप लगा रहे हैं कि यह जनता के हित में नहीं है. इससे सिर्फ प्रॉपर्टी व्यवसाय से जुड़े लोगों का फायदा है जिसमें राजनेता भी शामिल है. जो गांव जोड़े गए है उन गांवों के जनप्रतिनिधियों, प्रधान, जिलाप्रमुख, विधायकों से चर्चा नहीं की। ये गलत हुआ है। बिना चर्चा के सदन में पारित हुआ है. विधायक भरत सिंह ने अपनी सरकार के द्वारा पारित किए गए बिल को भू माफियाओं द्वारा तैयार किया गया बिल बता दिया और कहा कि आखरी समय में इस प्रकार के बिल को लाने का वह पुरजोर विरोध करेंगे भरत सिंह ने बिल के विरोध के लिए आमजन से भी सहयोग की अपील की है.