
Bharatpur News: भारतीय समाज में किन्नरों को नकारात्मक और हेय दृष्टि से देखा जाता है. लोग इन्हें देख कर नजरें चुराते नजर आते हैं. लेकिन भरतपुर शहर निवासी नीतू किन्नर लोगो के लिए अनूठी मिशाल पेश कर रही हैं. नीतू को घर-घर जाकर बधाई के रूप में जो नेग मिलता है, उसे एकत्रित कर वो हर साल गरीब कन्याओं की शादी करवाती हैं. पूरा शहर इन्हें मौसी के नाम से जानता है. किन्नर नीतू मौसी ने सोमवार को सामूहिक विवाह समारोह में 10 गरीब बेटियों की शादी कराई. जहां समारोह स्थल पर एक ओर मंडप में हिंदू रीति-रिवाज के साथ 8 बेटियों की शादी वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ कराई जा रही थी तो दूसरी ओर आयतों के बीच 2 मुस्लिम बेटियों का निकाह कराया गया.
किन्नर नीतू मौसी ने कहा कि वैसे तो अब तक 150 से अधिक गरीब बेटियों की शादी करवा चुकी है लेकिन विवाह सम्मेलन के द्वारा उन्होंने 120 गरीब लड़कियों की शादी करवाई है. यह 12वां विवाह स्ममलेन है. जो प्रतिवर्ष करवाती हैं. इस वर्ष भी सोमवार को दस बेटियों की शादी करवाई है, जिनमे में से दो मुस्लिम व आठ हिन्दू है. एक ही मंडप के नीचे सबकी शादी संपन्न कराई गई.

सामूहिक शादी में दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद देतीं किन्नर नीतू मौसी.
किन्नर नीतू मौसी की इस अनूठी पहल ने न केवल हिन्दू-मुस्लिम एकता को बल्कि सभी जाति व धर्मों में भाईचारे का संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि पूरी शादी समारोह का खर्चा खुद उठाती है. वधुओं के लिए शादी का पूरा सामान व सोने के आभूषण के साथ बाराती व घरातियों के लिए दावत का इंतजाम उनकी ही ओर से किया जाता है. साथ ही बाहर के लोगों के द्वारा जो कन्यादान दिया जाता है उनके हिस्सा करके वह वर-वधु को दे देती हैं.
किन्नर नीतू मौसी ने कहा कि सारी जिंदगी कमाया दिल में कुछ ऐसी भावना उत्पन्न हुई कि हम लोग भी इंसान हैं चाहे जिस भी रूप में हो कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे मरने के बाद दूसरे जन्म में फायदा मिले. मेरी नजर में सबसे बड़ा दान कन्यादान है. मुझे यही उपाय समझ में आया और हर साल गरीब बेटियों की शादी स्वयं के खर्चे पर करवाती हूं.

सामूहिक शादी में बैठीं किन्नर.
किन्नर नीतू मौसी ने आगे कहा कि जब तक अंतिम सांस रहेगी यह कार्य तब तक जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि जब दिल में सोच लेते हैं बाहर भी समतल दिखाई देता है अगर सोच लें यह पहाड़ है कैसे चढ़ा जाएगा फिर वह चढ़ नहीं सकता. मुझे कभी कोई कमी महसूस नहीं हुई. कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और भगवान से सिर्फ यही प्रार्थना करती हूं और काम पूरा हो जाता है.
पूरे साल जो भी बधाई के रूप में नेग मिलता है उसी में से कुछ हिस्सा गरीब बेटियों की शादी में प्रतिवर्ष खर्च कर दिया जाता है. इस शादी समारोह में पूरा शहर शामिल होता है और अन्य जगह से भी किन्नर समाज हाथ बटाने के लिए यहां पहुंचता है. किन्नर नीतू के इस काम की समाज में लोग सराहना कर रहे हैं.
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