Rajasthan News: महाराष्ट्र के नासिक में मजदूर की संदिग्ध मौत पर भीलवाड़ा के आसींद कस्बे में शनिवार को जमकर हंगामा बरपा. हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने आसींद थाने का घेराव किया. ग्रामीण मजदूर की संदिग्ध मौत को हत्या का आरोप लगा रहे हैं और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. ठेकेदार पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना परिजनों को सूचना दिए ही उसने नासिक के चौकी नगर में ही मृतक रमेश का अंतिम संस्कार कर दिया गया. मजदूर रमेश भील की महाराष्ट्र के नासिक के चौकी नगर में 1 फरवरी को मौत हो गई थी.
3 घंटे तक चला हंगामा
इसके बाद शनिवार को करीब 3 घंटे तक चले हंगामें और 2 दौर की वार्ता के बाद मामला शांत हुआ. ग्रामीण और परिजन शव का अंतिम संस्कार करने को तैयार हुए. प्रशासन की तरफ से ग्रामीणों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से मदद का आश्वासन दिया गया. सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाने पर सहमति बनी है. मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया. मृतक रमेश भील आसींद थाना क्षेत्र के बराणा की झोपड़िया निवासी है और उसकी नासिक के चौकी नगर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी.
मौत के बाद वहीं दफनाया शव
मृतक की पत्नी का आरोप है कि मजदूरी के लिए ले जाने वाले लोगों ने उसके पति की हत्या कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया. पत्नी के यह बात कहने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. पुलिस ने मामले की।गम्भीरता को देखते हुए केसी देवी पत्नी रमेश भील निवासी बराणा की झोपड़िया की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया है. उधर सुबह से आंदोलन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता संदीप खटीक ने कहा कि रमेश भील की हत्या हुई है. हम मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं. हत्या के बाद कुछ लोगों ने महाराष्ट्र में ही शव को दफना दिया था. हम लोग यहां से आसींद भीलवाड़ा से महाराष्ट्र गए और शव को निकाल कर लाए हैं.
7-8 दिन पहले हुई थी आखिरी बात
पत्नी का कहना है कि लगभग एक माह पूर्व भाटीखेड़ा निवासी ठेकेदार बलवीर सिंह उसके पति रमेश भील को मजदूरी के लिए धामनगर चौकी, तहसील मनवाड़, जिला नासिक (महाराष्ट्र) लेकर गया था. रमेश के साथ मदन भील निवासी बोरेला भी गया था. पीड़िता ने बताया कि पति से अंतिम बार 7–8 दिन पहले बातचीत हुई थी. इसके बाद संपर्क टूट गया. परिजनों ने मदन भील से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसका फोन नहीं उठा. गत 2 फरवरी को सुबह करीब 11:30 बजे अभियुक्त संजय सिंह ने मृतक के भाई को फोन कर रमेश का आधार कार्ड वेरिफिकेशन के बहाने व्हाट्सएप पर मंगवाया. आधार कार्ड भेजने के 15–20 मिनट बाद पुनः फोन कर रमेश भील की मृत्यु होने की सूचना दी.
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