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"जो हिंदू को बड़ा भाई नहीं मानते वह पाकिस्तान चले गए", जमाल सिद्दकी बोले- संविधान है तो कुरान है

बीजेपी अल्‍पसंख्‍यक मोर्चा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जमाल स‍िद्दकी ने ह‍िंदुओं को बड़ा भाई बताया, और कहा क‍ि भारत में हर जात‍ि धर्म के लोगों को पूरी आजादी है. ऐसा क‍िसी और देश में नहीं है. 

"जो हिंदू को बड़ा भाई नहीं मानते वह पाकिस्तान चले गए", जमाल सिद्दकी बोले- संविधान है तो कुरान है
जयपुर में पत्रकारों से बात करते बीजेपी अल्‍पसंख्‍यक मोर्चा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जमाल स‍िद्दकी और हमीद खां मेवाती.

जयपुर में बीजेपी अल्‍पसंख्‍यक मोर्चा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जमाल स‍िद्दकी ने कहा क‍ि अल्पसंख्यक मोर्चा के देश भर में 42 लाख सदस्य हैं. 42 लाख कार्यकर्ताओं का फोन नंबर नाम और एड्रेस हैं. 'सरल' पोर्टल पर हमारे कार्यकर्ता काम कर रहे हैं. हमारे संगठन को हमीद खां मेवाती के नेतृत्व में चुनाव की तरफ लेकर जाना है.

उहोंने कहा क‍हा, "हमें भारत माता की जय बोलने में कोई प्रॉब्लम नहीं है, इसलिए यहां रुक गए. जो भारत माता की जय नहीं बोलना चाहते थे, वह पाकिस्तान चले गए, लेकिन हमने नकार दिया, हमें भारत माता की जय बोलने में कोई प्रॉब्लम नहीं, इसलिए यहां रुक गए. उन्होंने कहा क‍ि जो हिंदू को बड़ा भाई नहीं मानते वह पाकिस्तान चले गए. 

"चुनाव की तैयारी करनी होगी"

जमाल स‍िद्दकी ने आगे कहा, "भ्रम है कि भाजपा अल्पसंख्यकों को चुनावी टिकट नहीं देते. चुनावी टिकट देने के लिए किसी भी जाति–धर्म का होने की जरूरत नहीं, बल्कि लोकप्रिय होना जरूरी है. सर्वे में जनता, जिसका नाम लेती है, उसे कमल का फूल मिलता है. हमें चुनाव की तैयारी करनी होगी. विधानसभा का चुनाव हो या लोकसभा का, हमें चुनावी राजनीति में उतरना होगा. वार्ड या पंचायत निकाय स्तर पर जहां हम चुनाव जीत सकते हैं, वहां उम्मीदवार भी बनाया जाएगा." 

"संविधान है तो कुरान है"

उन्होंने कहा क‍ि जनता के बीच जाकर अपनी बात रख सकें और चुनाव में जीत कर भी आ सकें. अब हम बहुत मजबूत हो चुके हैं. दावे के साथ कह सकता हूं कि देश में कोई परिवर्तन ला सकता है, तो भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ला सकते हैं. यह देश है, तो हम हिंदू और मुसलमान हैं. यह संविधान है तो कुरान है.

"हिंंदू-मुसलमान दूध-शक्कर की तरह" 

उन्होंने कहा, "हमने ऐसे भी देश देखें जहां कुरान पढ़ने की इजाजत नहीं है. आज हमें संविधान को मानने का, कुरान पढ़ने का अधिकार मिलता है, तो यह देश की वजह से मिलता है. कुछ लोग हैं, जो देश को फिर से हिंदू और मुसलमान में बांटना चाहते हैं. जो मुसलमान को नफरत की ओर लेकर जा रहे हैं. अल्पसंख्यक मोर्चे के कार्यकर्ताओं को उनकी प्लानिंग फेल करने का काम करना है. हिंदू-मुसलमान दोनों दूध और शक्कर की तरह हैं, जो अलग नहीं हो सकते. चाहे कांग्रेस नेता हो या ओवैसी हो, वो बांटना चाहते हैं. 

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