
Rajasthan News: भारत पर अमेरिकी ट्रंप सरकार द्वारा 50 फीसदी का टैरिफ लगाया गया है. टैरिफ की वजह से पूरे देश में हंगामा मचा है, जबकि शेयर मार्केट तेजी से गिर रहा है. वहीं अमेरिकी टैरिफ का सीधा असर राजस्थान पर भी पड़ने वाला है. क्योंकि राजस्थान से आभूषण और रत्नों का कुल निर्यात 18,000 करोड़ रुपये है. अमेरिका जयपुर के व्यापारियों के लिए सबसे बड़ा बाजार है. हर साल जयपुर 3,200 करोड़ रुपये का तैयार आभूषण और रंगीन रत्न अमेरिका को निर्यात करता है. ऐसे में अब राजस्थान में अमेरिकी टैरिफ के उपाय पर चर्चा शुरू हो गई है.
अमेरिकी टैरिफ पर सीएम की बैठक
अमेरिकी टैरिफ पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीएमओ में शुक्रवार को में उद्योग विभाग के आला अधिकारियों और प्रमुख उद्योगपतियों के साथ अहम बैठक की . बैठक में जेम्स एंड ज्वैलरी, टेक्सटाइल, हैंडीक्राफ्ट और लेदर सेक्टर के एक्सपोर्टर्स शामिल रहे. मुख्यमंत्री ने उनसे संवाद कर 50 फीसदी तक अमेरिकी टैरिफ लागू होने के बाद सामने आ रही चुनौतियों की चर्चा की.
राजस्थान से हर साल 18 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निर्यात अमेरिका को होता है. लेकिन हाल ही में लगाए गए ट्रम्प टैरिफ यानी 25 फीसदी टैक्स और 25 फीसदी पेनल्टी से प्रदेश के उद्योगों पर सीधा असर पड़ा है. जेम्स एंड ज्वैलरी, टेक्सटाइल, हैंडीक्राफ्ट, मार्बल और गारमेंट जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी खरीदारों ने कई ऑर्डर होल्ड या कैंसिल कर दिए हैं. वित्त वर्ष 2024-25 में राजस्थान का अमेरिका को निर्यात करीब 32 फीसदी तक घट गया है.
निर्यातक की क्या है मांग
निर्यातक लगातार सरकार से राहत की मांग कर रहे हैं. हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स जॉइंट फोरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि इस संकट से उबरने के लिए 20 फीसदी तक इंसेंटिव दिया जाए और ईपीसी वर्किंग कैपिटल लोन, जीएसटी रिफंड और ड्यूटी ड्रॉबैक जैसी सुविधाओं को तुरंत लागू किया जाए.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार निर्यातकों की समस्याओं को केंद्र तक पहुंचाएगी और उन्हें हरसंभव सहयोग दिया जाएगा.
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