राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के परमाणु नगरी रावतभाटा में संभावित हवाई हमले और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों का बड़ा इम्तिहान होने जा रहा है. प्रशासन द्वारा आयोजित इस 3 घंटे की मेगा मॉक ड्रिल में परमाणु बिजलीघर से लेकर बांध की सुरक्षा तक को परखा जाएगा. नगर पालिका सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में इंसीडेंट कमांडर और अतिरिक्त जिला कलक्टर विनोद कुमार मल्होत्रा ने तैयारियों की समीक्षा की.
6 बजे से 8 बजे चलेगा अभ्यास
इस मॉक ड्रिल में प्रशासन, पुलिस, परमाणु बिजलीघर, सीआईएसएफ, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ सहित सभी प्रमुख विभाग एक साथ मिलकर समन्वय का परीक्षण करेंगे. यह मॉक ड्रिल 23 अप्रेल को शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक होगी. हर एक घंटे के अंतराल पर शहर में सायरन बजाकर अलर्ट की स्थिति का परीक्षण किया जाएगा.
5 मिनट के लिए पूरा शहर ब्लैक आउट
रात ठीक 8 बजे पूरे शहर की बिजली 5 मिनट के लिए ब्लैक आउट कर दी जाएगी. अभ्यास शुरू होते ही बीएसएनएल द्वारा सभी उपभोक्ताओं को इमरजेंसी मैसेज भेजा जाएगा. मॉक ड्रिल को वास्तविकता के करीब रखने के लिए तीन संवेदनशील स्थानों का चयन किया गया है. भारी पानी संयंत्र यहां गैस रिसाव जैसी स्थिति से निपटने का अभ्यास होगा. वहीं एनटीसी गेट पर प्रवेश और सुरक्षा घेरे की मजबूती जांची जाएगी.
राणा प्रताप सागर बांध के यहां रेस्क्यू ऑपरेशन और आपातकालीन प्रबंधन का प्रदर्शन होगा. इसकी सूचना मिलते ही कोटा से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें रावतभाटा के लिए रवाना होंगी. सुरक्षा बलों की गाड़ियों की निर्बाध आवाजाही के लिए शहर में ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा. नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का लाइव डेमो भी किया जाएगा. गृह मंत्रालय द्वारा 2026 के लिए हवाई हमला, ब्लैक आउट के लिए मॉक अभ्यास किए जाने हेतु जिला कलक्टर को निर्देशित किया गया था.
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