Rajasthan News: राजस्थान के दौसा में जमीनों पर अवैध कब्जे और फर्जीवाड़े के काले कारोबार में लिप्त भू-माफियाओं पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है. पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए कुख्यात भू-माफिया गिर्राज गुप्ता और विवेक सैनी को गिरफ्तार कर जेल की राह दिखा दी है. इस एक्शन ने जिले में जमीन हड़पने वाले गिरोहों में हड़कंप मचा दिया है.
साजिश और धोखाधड़ी की कहानी
मामला साल 2017 का है जब बद्री मीणा ने जमीन विवाद को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जांच में सामने आया कि 2 बीघा 18 बिस्वा भूमि की रजिस्ट्री बद्री मीणा और उनके साथियों के नाम थी. इस जमीन के सौदे में गिर्राज गुप्ता फाइनेंसर बनकर शामिल हुआ था. आरोप है कि जमीन पर प्लॉटिंग करने के दौरान करीब 130 फार्मों पर हस्ताक्षर करवाकर उनका गलत इस्तेमाल किया गया और अतिरिक्त प्लॉट काटकर बेचे गए.
निर्दोषों को बनाया निशाना
इस गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी. आरोप है कि गिर्राज गुप्ता ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए और अपनी काली करतूतों को छिपाने के लिए निर्दोष लोगों पर ही झूठे मुकदमे दर्ज करवाकर उन्हें जेल तक भिजवा दिया. पुलिस उपाधीक्षक धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद गिर्राज गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है. उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि नेटवर्क के अन्य लोगों तक पहुँचा जा सके. विवेक सैनी को भी इस मामले में नामजद किया गया है.
आगे की जांच हुई शुरू
दौसा पुलिस ने साफ कर दिया है कि भू-माफियाओं के खिलाफ यह अभियान अभी जारी रहेगा. अवैध कब्जे, फर्जी रजिस्ट्री और आम जनता को परेशान करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य सहयोगियों और उनके राजनीतिक या प्रशासनिक कनेक्शन को भी खंगाल रही है.
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