
दौसा जिले में हिस्ट्रीशीटर निरंजन मीणा की हत्या का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी थाने के बाहर मृतक के परिजन बड़ी संख्या में ग्रामीणों को अपने साथ लेकर थाने के गेट के बाहर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.
मृतक का शव लेने से किया इनकारमृतक हिस्ट्रीशीटर के परिजनों ने मृतक का शव लेने से भी मना कर दिया है.जबकि हिस्ट्रीशीटर की हत्या को हुए 36 घंटे से भी ज्यादा का समय हो चुका है. मृतक के परिजनों का कहना है कि जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होगी शव नहीं लेंगे. इसके कारण अभी भी मृतक का शव दौसा जिला अस्पताल के मोर्चरी में रखा हुआ है.
चार आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमागौरतलब है कि निरंजन मीणा की हत्या के बाद उसके परिजनों ने चार आरोपियों को नामजद कराते हुए मुकदमा दर्ज कराया था लेकिन पुलिस अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है. मृतक के परिजन इस मामले में आरोपी सीताराम मीणा, पूरण मीणा, हरी मीणा व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.
पुलिस के हाथ अभी तक हैं खालीपुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है. पुलिस की टीमों ने कई जगह दबिश भी डाली है लेकिन पुलिस को अभी तक कामयाबी नहीं मिली है, जबकि मृतक के परिजनों का आरोप है कि निरंजन मीणा को आरोपियों ने थाने के सामने ही मारपीट कर मरणासन्न हालत में छोड़ा था. मृतक के परिजनों के इस आरोप से स्थानीय पुलिस की कार्यशैली संदेह के घेरे में है. मृतक के परिजनों ने पुलिस पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं. ममामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मेहंदीपुर बालाजी थाने के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.