Rajasthan News: राजस्थान के धौलपुर जिले से आए एक खौफनाक हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. एडीजे कोर्ट ने पुजारी जाकिर हुसैन की जघन्य हत्या के दोषी साधु महेश दास उर्फ जालम सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और उस पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यह फैसला तब आया है जब इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया था.
जानें क्या था पूरा मामला
घटना 21 दिसंबर 2022 की है. कंचनपुर थाना क्षेत्र स्थित माता मंदिर के पुजारी जाकिर हुसैन की उनके ही साथी साधु महेश दास ने धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी थी.
आरोपी ने न केवल पुजारी का सिर धड़ से अलग किया बल्कि उनके शरीर के कई टुकड़े कर दिए. साक्ष्यों को नष्ट करने की नियत से उसने शव के टुकड़ों को प्लास्टिक के बोरों में भरकर नदी में फेंक दिया था. कई दिनों बाद जब शव के अवशेष नदी में उतराए तो ग्रामीणों को घटना की भयावहता का पता चला.
चढ़ावे और लोकप्रियता से थी जलन
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी महेश दास को जाकिर हुसैन की बढ़ती लोकप्रियता से ईर्ष्या थी. जाकिर हुसैन ने धर्म बदलकर करीब 20 साल पहले माता मंदिर में पुजारी के रूप में सेवा शुरू की थी. उनके व्यवहार और श्रद्धा से मंदिर में भक्तों की भीड़ और चढ़ावा निरंतर बढ़ रहा था. इसी प्रतिष्ठा से बौखलाकर आरोपी ने साजिश रची और जाकिर हुसैन को मौत के घाट उतार दिया.
55 सबूतों ने दिलाई सजा
पुलिस ने आरोपी को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया था. अदालत में चली लंबी सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने 55 महत्वपूर्ण सबूत और दस्तावेज पेश किए. न्यायाधीश सुनील कुमार गुप्ता ने सभी साक्ष्यों को आधार मानते हुए महेश दास को आईपीसी की धारा 302 और 201 के तहत दोषी करार दिया.