
डीडवाना और नागौर जिलों के सरपंचों ने बुधवार को मनरेगा योजना के अन्तर्गत सामग्री राशि के भुगतान को लेकर विरोध जताया था और भुगतान आदेश जारी नहीं होने पर मुख्यमंत्री के दौरे के विरोध की चेतावनी दी थी. जिसके बाद जिला कलेक्टर सीताराम जाट के प्रयास से सभी ब्लॉकों में मनरेगा योजना के अंतर्गत सामग्री राशि भुगतान के आदेश जारी हो गए हैं.
सरपंच संघ ने 2022-23 वित्तीय वर्ष के मनरेगा सहित अन्य विकास कार्यों के पिछले ढाई साल से रुके भुगतान के आदेश जारी करने को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था. जिसके बाद दोनों जिले के 14 ब्लॉकों को भुगतान करने का आदेश जारी कर दिया गया है.
मांग पत्र के जरिए सरपंचों ने मनरेगा और अन्य विकास कार्यों के पिछले ढाई साल से अटके भुगतान जारी करने की मांग की थी. सरपंचों ने कहा कि उनका संगठन पिछले ढाई साल से अपने हक के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर गौर नहीं कर रही है.
सरपंचों ने चेतावनी दी थी कि अगर उनके रुके भुगतान की स्वीकृति जारी नहीं होती है तो दोनों जिलों के सरपंच, कल न सिर्फ मुख्यमंत्री के दौरे का विरोध करेंगे, बल्कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मिशन 2030 से दूर रहकर उसको फेल भी करेंगे.
सरपंचों ने ये भी कहा कि अगर सरकार उनके अटके हुए भुगतान के आदेश मुख्यमंत्री के दौरे से पहले जारी कर देती है तो वह न सिर्फ मिशन 2030 में अपनी भागीदारी निभाकर उसको कामयाब करेंगे, बल्कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हाथ को भी चुनाव में मजबूत करेंगे. मुख्यमंत्री डीडवाना दौरे को लेकर इस मुद्दे को तत्काल संज्ञान में लिया गया और रोकी गयी राशि को तुरंत जारी कर दी गयी.
यह भी पढ़ें: 2030 तक राजस्थान की जीडीपी 30 लाख करोड़ रुपए तक ले जाने का है लक्ष्य: गहलोत