राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी अपनी शालीनता और ग्रेसफुल लाइफस्टाइल के लिए दुनिया भर में जानी जाती हैं. उन्होंने हमेशा राजस्थानी संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गर्व के साथ पेश किया है. आज वे प्रदेश की महिलाओं और युवाओं के लिए एक रोल मॉडल बन चुकी हैं, जो शाही विरासत और जनता की सेवा के बीच बेहतरीन संतुलन बनाकर चलती हैं. अक्सर लोग उनकी राजनीतिक शख्सियत को देखते हैं, लेकिन हाल ही में 'कर्ली टेल्स' (Curly Tales) को दिए एक विशेष इंटरव्यू में उनके निजी जीवन के कई अनछुए पहलू सामने आए हैं.
सरकारी आवास में सांगानेरी प्रिंट और बनारस घाट की झलक
दिया कुमारी ने इस इंटरव्यू में अपने सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास की झलक साझा की. उन्होंने बताया कि सरकारी बंगला होने के बावजूद उन्होंने इसे 'राजस्थानी टच' दिया है. घर की दीवारों को सांगानेरी पेंटिंग्स और स्थानीय हस्तशिल्प (Handicrafts) से सजाया गया है. उनके घर के इंटीरियर में आमेर फोर्ट की भव्यता और बनारस के घाटों जैसी प्राचीन संस्कृतियों का खूबसूरत संगम देखने को मिलता है.
पिलाटे और योग से खुद को रखती है फिट
एक डिप्टी सीएम की व्यस्त दिनचर्या के बावजूद दिया कुमारी अपनी सेहत से समझौता नहीं करतीं. उन्होंने बताया कि उनके सोने का समय निश्चित नहीं है, लेकिन वह करीब 6 से 7 बजे के बीच जरूर उठ जाती है. अपने सरकारी घर में बने छोटे से जिम में पसीना बहाना भी उन्हें पसंद है. पर कई बार बिजी शेयड्यूल होने के कारण वह इसे कर नहीं पाती लेकिन वह यह कोशिश जरूर करती है कि हफ्ते में कम से कम 2 से 3 दिन वर्कआउट जरूर करे. उन्हें जिम से ज्यादा पिलाटे (Pilates) और योग करना पसंद है, जो उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रखता है.
नेता नहीं 'एस्ट्रोनॉट' बनना चाहती थीं
इंटरव्यू का सबसे रोचक हिस्सा वह था जब उन्होंने अपने बचपन के सपने के बारे में बात की. दिया कुमारी ने बताया कि वे कभी भी राजनीति में नहीं आना चाहती थीं. बचपन में उनकी रुचि अंतरिक्ष विज्ञान में थी और वे एक एस्ट्रोनॉट (अंतरिक्ष यात्री) बनना चाहती थीं.उन्हें ब्रह्मांड और स्पेस की गुत्थियों को समझने का हमेशा से शौक रहा है.
खान-पान और आधुनिक सोच
खाने की शौकीन दिया कुमारी ने साझा किया कि उन्हें आज भी पारंपरिक राजस्थानी भोजन ही सबसे ज्यादा प्रिय है. वे मानती हैं कि समय के साथ आधुनिक बदलाव जरूरी हैं, लेकिन अपनी जड़ों और विरासत को सहेज कर रखना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है.
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