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Rajasthan News: राजस्थान बढ़ रहे बालश्रम को लेकर प्रदेश सरकार और विभाग सख्त हो गए हैं. इसी क्रम में प्रदेश के डूंगरपुर जिले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से चलाये जा रहे अखिल भारतीय बचाव एवं पुनर्वास अभियान कार्यक्रम 2.0 बालश्रम उन्मूलन के तहत चाइल्ड लाइन, मानव तस्करी निरोधक यूनिट, श्रम विभाग ने सीमलवाड़ा क्षेत्र से 4 बालश्रमिकों को बालश्रम से मुक्त करवाया है.
टीम ने 4 बच्चों को बालश्रम से कराया मुक्त
डूंगरपुर जिले के बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक कल्पित शर्मा ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन को सीमलवाड़ा क्षेत्र में बालश्रम की शिकायत मिली थी. जिस पर चाइल्ड हेल्पलाइन, ए एच टी यू पुलिस, श्रम विभाग व सृष्टि सेवा समिति के संयुक्त टीम ने सीमलवाडा में जनरल स्टोर से एक बालक, केजी एन होटल से एक बालक, डूंगरपुर शहर के बजरंग टायर वर्क से एक बालक और कान्हा दाल बाटी से एक बालक को बालश्रम से मुक्त करवाते हुए कुल 4 बच्चों को बालश्रम से मुक्त करवाया गया.
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मुक्त करवाए गए बाल श्रमिक.
बच्चों को राजकीय किशोर गृह में दिया आश्रय
इन बच्चों की अग्रिम सहायता के लिए उन्हें बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भावेश जैन, सदस्य बालकृष्ण परमार, उमेश रावल और जयश्री भट्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया. जहां से बच्चों को अग्रिम आदेश तक राजकीय किशोर गृह में अस्थाई आश्रय प्रदान किया गया. साथ ही बाल कल्याण समिति द्वारा नियोक्ता के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं.
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