जयपुर में विवेकानंद ग्लोबल विश्वविद्यालय (वीजीयू) के 9वें दीक्षांत समारोह में शिक्षा की शक्ति का जीवंत प्रदर्शन हुआ. छात्रों, प्रोफेसरों और मुख्य अतिथि केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की मौजूदगी में यह भव्य आयोजन हुआ जिसमें मेघवाल ने कई विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं और स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाने पर जोर दिया. केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने में कहा, शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्रनिर्माण का सबसे मजबूत आधार है. उन्होंने वीजीयू के छात्रों से ज्ञान, संस्कार और जिम्मेदारी से समाज-देश रोशन करने का आह्वान करते हुए कहा कि आज का युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति है. उन्होंने छात्रों से नवाचार, आत्मनिर्भरता और ईमानदारी से विकास में योगदान करने की अपील की.
9वें दीक्षांत समारोह में 2,000 से अधिक डिग्रियों का वितरण
इस वर्ष विवेकानंद ग्लोबल विश्वविद्यालय का 9वां दीक्षांत विशेष रहा क्योंकि इसी अवसर पर सेंटर फॉर डिस्टेंस एजुकेशन और ऑनलाइन विवेकानंद ग्लोबल विश्वविद्यालय का पहला संयुक्त दीक्षांत समारोह भी आयोजित किया गया. इस भव्य आयोजन में विभिन्न संकायों के 1,942 स्नातक, स्नातकोत्तर व डिप्लोमा विद्यार्थियों तथा 41 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधियां मिलीं. दीक्षांत समारोह में कुल 2,000 से अधिक डिग्रियां वितरित की गईं.
मेधावी विद्यार्थियों को 109 पदकों से सम्मान
साथ ही शैक्षणिक उत्कृष्टता को सम्मान देते हुए 109 विद्यार्थियों को पदक दिए गए. इनमें 47 स्वर्ण, 32 रजत और 30 कांस्य पदक थे. विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि ये छात्र परिवार, समाज व राष्ट्र के लिए प्रेरणा हैं जिन्होंने निरंतर परिश्रम, अनुशासन और लगन से यह उपलब्धि हासिल की.
कुलसचिव ने दिलाई शपथ, जिम्मेदारी और मूल्यों पर दिया जोर
दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रवीण चौधरी ने विद्यार्थियों को शपथ दिलाई. शपथ में विद्यार्थियों ने अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाने, मानवीय मूल्यों का सम्मान करने, अपने ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र की सेवा में करने तथा अपने विश्वविद्यालय की गरिमा बनाए रखने का संकल्प लिया. कुलसचिव ने अपने संदेश में कहा कि विश्वविद्यालय से प्राप्त डिग्री के साथ विद्यार्थियों पर समाज के प्रति जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है.