
भीलवाड़ा में मानसून की बेरुखी से किसान परेशान हैं. ऊपर से बिजली की अघोषित कटौती किसानों की मुश्किलें और बढ़ा रही है. सूखे की मार झेल रही फसलों को बचाना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. किसानों के पास उपलब्ध सिंचाई स्रोत तो है, मगर दम तोड़ती फसलों को बचाने के लिए बिजली नहीं मिल पा रही है. यही वजह है कि अब ग्रामीण क्षेत्र के किसान बिजली संकट को लेकर सड़कों पर उतरने लगे हैं.
बिजली नहीं मिली तो बर्बाद होंगी फसले
कोटड़ी क्षेत्र के रेड़वास गांव में पिछले कुछ दिनों से थ्री फ्रेस विद्युत सप्लाई सुचारू नहीं है. परेशान किसान शनिवार को सवाईपुर गांव से बिजली सब स्टेशन के लिए कूच कर गए. ग्रामीणों ने सवाईपुर विद्युत ग्रिड पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा. रेड़वास को नया बिजली फीडर देने की मांग की.
ग्रामीण रामकिशन जाट ने बताया कि रेड़वास गांव को पिछले 20 दिनों से थ्री फेस बिजली नहीं मिल रही है. कोटडी तहसील क्षेत्र में जल स्रोतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी है. किसान चाहे तो अपनी दम तोड़ती फसलों को बचा सकता है, मगर सिंचाई के लिए बिजली की मांग आपूर्ति पूरी नहीं हो पा रही है. इस बुरे दौर में किसान केवल अपनी फसल को खराब होते देखने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहा है.
मांग-आपूर्ति का गड़बड़ाया गणित
बीते एक पखवाड़े से बरसात नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और मांग का गणित बुरी तरह से गड़बड़ा गया है. सालरिया थ्री फ्रेस फीडर पर ज्यादा लोड होने के चलते रेडवास को ढ़ेलाणा फीडर से जोड़ा गया. लेकिन अब ढ़ेलाणा फीडर पर भी लोड ज्यादा होने के चलते बार-बार बिजली की कटौती व बारबार ट्रिपिंग होने लगी है. किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बारिश के नहीं होने से चलते किसान फसलों की सिचाई की जुगत में लगे हुए हैं, लेकिन बिजली की सप्लाई बाधित होने के चलते किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है.
ग्रामीणों द्वारा नया थ्री फ्रेस बिजली देने की मांग
बराबर समय पर विद्युत सप्लाई नहीं होने के चलते फसले जल रही हैं. इसे लेकर आज किसानों ने सवाईपुर ग्रीड पर ज्ञापन देने पहुंचे. लेकिन वहां कोई भी अधिकारी नही मिला. ग्रामीणों ने ग्रीड ऑपरेटर सोनू जाट को आई.एन. के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन सौंपकर रेड़वास ग्राम को नया थ्री फ्रेस बिजली देने की मांग की.