
Rajasthan News: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को जोधपुर में सरदारपुरा विधानसभा सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया और विश्वास जताया कि जनता एक बार फिर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनाएगी. इसके साथ ही गहलोत ने कहा कि पांच साल के कार्यकाल के बाद भी उनकी सरकार के खिलाफ किसी तरह की 'सत्ता विरोधी लहर' नहीं है. गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'आज राजस्थान की खुशहाली और समृद्ध सरदारपुरा के संकल्प के साथ क्षेत्र के प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया.'
'सत्ता विरोधी लहर नहीं'
नामांकन दाखिल करने के दौरान गहलोत की पत्नी सुनीता गहलोत और पुत्र वैभव गहलोत भी उनके साथ थे. नामांकन दाखिल करने से पहले गहलोत ने अपनी बड़ी बहन विमला देवी से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया. बाद में संवाददाताओं से बातचीत में गहलोत ने कहा, 'इतिहास में पहली बार राज्य में ऐसी सरकार है जिसके खिलाफ कोई 'सत्ता विरोधी लहर' नहीं है. यह हमारे लिए, हमारी सरकार और कांग्रेस के लिए गर्व की बात है. पांच साल के कार्यकाल में किए गए फैसलों के कारण ऐसा माहौल बना है.'

नामांकन से पहले बड़ी बहन का आशीर्वाद लेते सीएम गहलोत.
'मैंने अपना धर्म निभाया'
गहलोत ने कहा कि आज राजस्थान की चर्चा, हमारी योजनाओं की चर्चा देश भर में हो रही है. उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है, हमने हर क्षेत्र में नवाचार किया है और कामयाब हुए हैं. आगामी विधानसभा चुनाव के नतीजों के बारे में उन्होंने कहा, 'मैंने अपना धर्म निभाया है. प्रथम सेवक के रूप में मुझे अवसर मिला तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का. अब जनता पर है कि वह क्या फैसला देती है. माई-बाप तो जनता ही होती है. वैसे गांव से लेकर ढाणियों तक में यह माहौल है कि इस बार सरकार रिपीट हो सकती है.'
#WATCH | Rajasthan CM Ashok Gehlot says "Earlier Rajasthan was known as a backwards state but now it has changed. Today, Rajasthan has AIIMS, IITs, IIMs and other universities. When I became the CM for the first time, there were only 6 universities and now there are over 100… pic.twitter.com/0tAqlOxeXv
— ANI (@ANI) November 6, 2023
राजस्थान में क्यों नहीं हो सकता?
गहलोत ने कहा कि कोरोना काल में बेहतर प्रबंधन के कारण अगर केरल में 70 साल में पहली बार कोई सरकार रिपीट हो सकती है तो राजस्थान में क्यों नहीं ऐसा हो सकता? उन्होंने कहा, 'केरल में एक के बाद एक सरकार बदलती थी. सिर्फ और सिर्फ कोरोना काल में बेहतर प्रबंधन के कारण वहां की जनता ने सरकार रिपीट कर दी. हमारा प्रबंधन और भी शानदार था. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) तक ने भीलवाड़ा मॉडल की तारीफ की, तो क्यों न हम यहां सरकार रिपीट होने की उम्मीद करें? यहां तो हमने के बाद एक स्कीमें दी हैं. गारंटियां दे रहे हैं.'
केंद्र पर साधा निशाना
गहलोत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उल्लेखनीय है कि जोधपुर जिले की सरदारपुरा सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है. इस सीट से 1999 से अशोक गहलोत लगातार जीतते आए हैं. साल 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें 63 फीसदी वोट मिले थे. भाजपा ने सरदारपुरा सीट से महेंद्र सिंह राठौड़ को उम्मीदवार बनाया है जो जोधपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष हैं.