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This Article is From Aug 31, 2025

उफान पर घग्घर नदी, छुट्टी पर गए कर्मचार‍ियों को वापस बुलाया; हाई अलर्ट पर प्रशासन

जिला कलेक्टर ने बैठक में कहा कि घग्घर में आने वाले पानी की आवक पर निरंतर विभाग से फीडबैक लिया जा रहा है. वर्तमान स्थिति सामान्य है, पर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है.

उफान पर घग्घर नदी, छुट्टी पर गए कर्मचार‍ियों को वापस बुलाया; हाई अलर्ट पर प्रशासन
भारी बारिश में घग्घर नदी का निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारी.

घग्घर नदी में लगातार पानी बढ़ रहा. इसको देखते हुए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित कई प्रशासनिक अधिकारी ने तेज बार‍िश के बीच बहाव क्षेत्र के संवेदनशील जगहों का दौरा किया. जिला कलेक्टर खुशाल यादव ने संवेदनशील जगहों पर निगरानी रखने और मिट्टी के कट्टों सहित तमाम व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखने के निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक हरिशंकर के अलावा ADM, SDM और DSP भी साथ रहे. देर शाम जिला कलेक्टर खुशाल यादव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में महत्त्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई.

हाई अलर्ट पर अधिकारी 

बैठक में घग्घर की स्थिति को गंभीर मानते हुए सभी तरह की तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने, मोबाइल और व्हाट्सएप सक्रिय रखने के अलावा मुख्यालय नहीं छोड़ने की हिदायत दी. जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि छुट्टियों पर गए सभी कार्मिक तुरंत वापिस लौटें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी.

मार्गों पर चेतावनी बोर्ड लगाए 

अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्र चिह्न‍ित कर राहत कैंप तैयार रखने के निर्देश भी दिए. आवश्यकता पड़ने पर भोजन, बिजली, पानी और मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया. इसके अलावा पशुओं के लिए भी अलग से व्यवस्थाएं करने को कहा. मार्ग बंद होने की स्थिति में चेतावनी बोर्ड लगाए जाए. पब्लिक एड्रेस सिस्टम और सायरन को पूरी तरह दुरुस्त रखा जाए. कलेक्टर ने SDRF और सिविल डिफेंस टीमों को एक्टिव मोड पर रहने के निर्देश बैठक में दिए.

15,800 क्यूसेक पानी बह रहा

बैठक में जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर प्रदीप ने बताया कि जिले में घग्घर की कुल क्षमता 23,000 क्यूसेक पानी प्रवाहित होने की है, जिसे आईजीएनपी में डाइवर्जन के जरिये 28,000 क्यूसेक तक बढ़ाया जा सकता है. फिलहाल 15,800 क्यूसेक पानी बह रहा है, जो नियंत्रण में है. आवश्यकता पड़ती है तो अतिरिक्त पानी आईजीएनपी में डायवर्ट कर दिया जाएगा. अब तक तटबंधों की मजबूती के ल‍िए 1,63,000 मिट्टी के कट्टे उपलब्ध हैं.

कंंट्रोल रूम नंबर जारी   

जिला कलेक्टर ने आमजन से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें, और केवल जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें. साथ ही कहा कि किसी भी आपात सूचना या सहायता के लिए नागरिक सुरक्षा जिला कंट्रोल रूम नंबर 01552-260299 पर संपर्क कर सकते हैं.

24 घंटे खुले रहेंगे प्रेट्राेल पर  

जिला कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत कई निर्णय जारी किए. जिले के सभी कार्मिकों के पूर्व स्वीकृत अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त किए. आदेश के मुताबिक, घग्घर नदी से संबंधित राजकीय कार्यालय अवकाशों में भी खुले रहेंगे. जिले के सभी पेट्रोल पंप 24 घंटे खुले रहेंगे. पेट्रोल-डीजल आरक्षित रहेगा. राशन दुकानों पर खाद्य सामग्री का पर्याप्त भंडारण अनिवार्य किया गया है. प्रभावित क्षेत्रों में तटबंधों की मजबूती के ल‍िए कट्टों की भराई एवं अतिरिक्त व्यवस्था की जाए. स्वास्थ्य विभाग को दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मेडिकल टीम गठन के निर्देश दिए गए है.

बैठक में मौजूद रहे ये अधिकारी 

बैठक में एडीएम उम्मेदी लाल मीना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जनेश तंवर, डिस्कॉम के एसई रिछपाल चारण, सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, डीएसओ सुनील घोड़ेला, नगर परिषद आयुक्त सुरेंद्र यादव, एसीईओ देशराज बिश्नोई सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे.

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