
Rajasthan Election 2023: विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. कुछ पार्टियों के नेता ऐसे हैं जो लंबे समय से टिकट की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर डाला है.
बात भरतपुर विधानसभा क्षेत्र की करें तो यहां भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष गिरधारी तिवारी को प्रत्याशी नहीं बनाए जाने पर उन्होंने पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. गिरधारी लाल तिवारी ने तीसरी बार पार्टी से बगावत की है. गिरधारी तिवारी भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व जिला अध्यक्ष रहे हैं.
गिरधारी लाल तिवारी ने 2013 में भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से पहली बार भाजपा की टिकट मांगी थी, लेकिन भाजपा ने विजय बंसल को प्रत्याशी बनाया था. उसके बाद गिरधारी लाल तिवारी ने बगावत करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ा और तीसरे स्थान पर रहते हुए 32,185 मत प्राप्त किए थे.
उसके बाद भाजपा पार्टी में शामिल हुए और 2018 के चुनाव में फिर से भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से टिकट की मांग की. फिर भी पार्टी ने विजय बंसल को उम्मीदवार बनाया. उसके बाद गिरधारी लाल तिवारी ने भाजपा पार्टी से बगावत करते हुए भारत वाहिनी पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ा और 2018 के विधानसभा चुनावों में तीसरे स्थान पर रहते हुए 35,407 मत प्राप्त किए.
उसके बाद पुन: 2023 में गिरधारी तिवारी भाजपा में शामिल हुए और राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के लिए भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से फिर से इन्होंने टिकट की मांग की. लेकिन पार्टी ने फिर अनदेखी की करते हुए विजय बंसल को पुनः प्रत्याशी घोषित कर दिया. उसके बाद गिरधारी लाल तिवारी ने पार्टी से तीसरी बार बगावत करते हुए चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया और सोमवार को फिर निर्दलीय पर्चा दाखिल करेंगे.