Harsha Richhariya: प्रयागराज कुंभ में वायरल हुई हर्षा रिछारिया को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. हर्षा रिछारिया ने खुद कहा है कि वह अब धर्म का काम छोड़ देंगी और उनका धर्म से मोह भंग हो गया है. हर्षा रिछारिया ने कहा कि वह फिर से पुराने काम करना चाहती हूं. उन्होंने कहा कि मुझे धर्म के रास्ते पर चलकर केवल विरोध झेलना पड़ा. धर्म की राह पर चलने के लिए मैंने सारे काम किये किसी से कुछ भी नहीं मांगा. लेकिन इसके बाद भी धर्म के ऊंचे पद पर बैठे लोग ही मेरा विरोध कर रहे और मेरे चरित्र पर सवाल खड़ा कर रहे हैं. पिछले एक साल में मैंने बहुत कोशिश की लेकिन अब मैं हार चुकी हूं. मुझे तोड़ा गया और मेरा मनोबल तोड़ दिया गया.
हर्षा रिछारिया ने कहा कि मैं धर्म से जुड़ कर सुकून की तलाश में आई थी. लेकिन मुझे लड़ाई लड़नी पर रही है और जब मुझे सुकून ही नहीं मिल पाया तो मैं अब थक चुकीं हूं. मेरे पास इतनी ताकत नहीं है कि मैं उन सबको चुनौती दे सकूं और उनसे इनडायरेक्टली लड़ सकूं.
माघ मेले में मौनी अमावस्या होगा अंत
हर्षा रिछारिया ने अपने वायरल वीडियो में दावा किया है कि माघ मेले में भी मेरा विरोध हुआ. माघ मेले में मौनी अमावस्या करने के बाद में धर्म के रास्ते में चलने को विराम दूंगी. उन्होंने कहा कि मेरा इस धर्म से जाना एक विद्रोही मानसिकता लेकर जाना होगा.
मुझे मिली केवल उधारी
हर्षा रिछारिया ने कहा है कि जब धर्म के रास्ते पर नहीं चल रही थी तो मैं एंकरिंग कर अच्छे पैसे कमा रही थी. वह विदेशों में एकरिंग कर बहुत पैसे कमाए. लेकिन जब देश में आकर धर्म को अपनाया तो अब उनके पास केवल उधारी है. उन्होंने कहा कि लोग सोचते हैं कि मैंने धर्म के जरिए करोड़ों कमाए है. लेकिन अब उन पर लाखों का कर्ज है. उन्होंने कहा कि अपनी एंकरिंग से अच्छे पैसे कमा रही थी और बहुत खुश थी. लेकिन धर्म के रास्ते पर चल कर केवल मुझे उधारी मिली है.
हर्षा रिछारिया ने एनडीटीवी के इंटरव्यू में कहा कि वह जो करना चाहती है उसके लिए पैसे की जरूरत है. उन्होंने कहा कि कुंभ से लौटकर घर पर बैठी थी. तो लगा की धर्म के लिए कुछ करना चाहिए. इसके लिए वह घर से निकली लेकिन कुछ भी करने के लिए पैसे की जरूरत होती है. वह इंस्टाग्राम के जरिए केवल एक महीने का खर्च निकाल पाती है. अगर वह कुछ करने की कोशिश भी करती है तो उन्हें केवल विरोध का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा अगर ऐसे में मुझे इतना प्रतिकार झेलना पड़ता है अगर मुझे पैसे मिलने लगते तो मेरा जीना दुश्वार कर दिया जाता.
परिवार ही सबसे बड़ा धर्म
हर्षा रिछारिया ने यह भी कहा है कि अगर कोई युवा मुझसे पूछेगा की धर्म से जुड़ना है या धर्म की राह पर चलना है तो मैं उन्हें सलाह दूंगी कि जुड़ना है तो परिवार से जुड़ों और आपके रिश्तेदार ही आपका सबसे बड़ा धर्म है. अगर धर्म पर चलना है तो आप अपने घर के मंदिर में पूजा करें उसे ही माने और किसी को न मानें.
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