
Rajasthan News: अलवर जिले के नीमराना (Neemrana) में जयपुर हाईवे पर बने होटल हाईवे किंग (Hotel Highway King) पर फायरिंग करने और रंगदारी मांगने के मामले में सहयोग करने वाले 2 युवकों को पुलिस ने कश्मीर से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के लिए 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था. हालांकि फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी पुनीत शर्मा और नरेंद्र उर्फ लल्ली अभी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है.
दोनों मुख्य आरोपियों की हुई पहचान
दोनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है. दोनों शूटर हरियाणा, पंजाब और दिल्ली NIA के मोस्ट वांटेड हैं, जिन्हे कई राज्यों की पुलिस तलाश कर रही है. इस फायरिंग मामले में अपराधियों ने जिस कार का इस्तेमाल किया था, पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया है. फिलहाल पंजाब की जालांधर पुलिस इन्हें पकड़ने के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है. पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इनकी गिरफ्तारी हो जाएगी.

नीमराना पुलिस की गिरफ्त में दोनों आरोपी.
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कश्मीर के होटल में कर रहे थे आराम
नीमराना की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शालिनी राज ने बताया कि 8 सितंबर की सुबह होटल हाईवे किंग पर फायरिंग की घटना हुई थी. बदमाश होटल के काउंटर पर एक पर्ची थमाकर करीब 20 राउंड फायरिंग करते हुए भाग गए थे. उस पर्ची पर 5 करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी. इस पर्ची के जरिए कौशल गैंग का हवाला दिया गया था. तभी से पुलिस की कई टीम इस मामले में जुटी हुई थी, जिसमें पुलिस को सफलता मिली और दो आरोपी सचिन और योगेश को गिरफ्तार कर लिया गया. पकड़े गए दोनों आरोपियों ने शूटर की मदद की और भागने में सहयोग दिया. पकड़े गए आरोपी घटना के बाद से ही कश्मीर के एक होटल में रह रहे थे, जहां से पुलिस ने इन्हें पकड़ा है.
पुराने अपराधी हैं योगेश और सचिन
पुलिस ने बताया कि योगेश के खिलाफ मांडन और नीमराना में चार मुकदमे दर्ज हैं, जबकि सचिन के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हैं. मुख्य अभियुक्त पुनीत शर्मा और नरेंद्र का आपराधिक रिकॉर्ड तलाशा जा रहा है. आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि घटना के 15-20 दिन पहले से ही वे इस होटल की रेकी कर रहे थे. मौका मिलते ही 8 सितंबर 2024 को इन्होंने इस घटना को अंजाम दिया.

वारदात को अंजाम देने के लिए इसी कार का हुआ था इस्तेमाल.
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कौन है कौशल चौधरी?
वर्ष 2015-16 में कौशल चौधरी ने अडिंग गांव में फरारी काटी थी. एक फर्जी पासपोर्ट तैयार कराया था. तभी से योगेश और सचिन मुख्य सरगना कौशल चौधरी के संपर्क में थे. इन्हीं ने पुनीत और नरेंद्र को नीमराना इलाके में लाने और फिर वहां से सुरक्षित निकलने में मदद करने की जिम्मेदारी ली थी. इनका मकसद इस इलाके में पैर जमाना था, लेकिन पुलिस का लगातार पीछा करना इसके लिए परेशानी बन गया और दोनों आरोपी पकड़े गए. पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 9 दिन की पुलिस रिमांड मांगी, जिसमें पुलिस उन सब जगह का पता लगाएगी जहां वो जा सकते हैं.
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