
भारतीय जनता पार्टी के सतीश पूनिया आमेर से चुनाव में हार के बाद अब राजनीति से ब्रेक लेने का ऐलान किया है. आमेर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रहे पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया को कांग्रेस के प्रशांत शर्मा ने हराया है. सतीश पूनिया का नाम राजस्थान के अगले मुख्यमंत्री के रूप में लिया जा रहा है, लेकिन इस हार ने उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा पर जैसे विराम लगा दिया है.
राम राम सा,
— Satish Poonia (@DrSatishPoonia) December 4, 2023
लोकतंत्र में जनता जनार्दन होती है, मैं आमेर की जनता के निर्णय को स्वीकार करता हूँ और कांग्रेस के विजयी प्रत्याशी श्री प्रशान्त शर्मा जी को बधाई देता हूँ, आशा करता हूँ कि वो आमेर के विकास को यथावत गति देते रहेंगे और जन भावनाओं का सम्मान करेंगे।
आमेर से मेरा रिश्ता दस…
सोशल साइट एक्स पर सतीश पूनिया ने लिखा, लोकतंत्र में जनता जनार्दन होती है, मैं आमेर की जनता के निर्णय को स्वीकार करता हूं और कांग्रेस के विजयी प्रत्याशी श्री प्रशान्त शर्मा जी को बधाई देता हूं, आशा करता हूं कि वो आमेर के विकास को यथावत गति देते रहेंगे और जन भावनाओं का सम्मान करेंगे.
उन्होंने आगे कहा, आमेर से मेरा रिश्ता दस बरसों से है, 2013 में पार्टी के निर्देश पर चुनाव लड़ने आया था, चुनाव में मात्र 329 वोटों की हार हुई, लेकिन भाजपा की सरकार के दौरान हमने यहां विकास को मुद्दा बनाकर काम किया, हालांकि लोग कहते हैं कि यहां बड़ी-बड़ी जातियों का बाहुल्य है और जातियों के इस जंजाल में जाति से ऊपर उठकर कोई विकास की सोचें थोड़ा मुश्किल है, 2013-2018 में हमने कोशिश की,थोड़ा सफल हुए,विकास कार्यों से लेकर कोरोना के दौरान सेवाकार्यों से लोगों में भरोसा पैदा करने की कोशिश की थी लेकिन शायद लोगों को समझाने में हम विफल रहे.
)
सतीश पूनिया
भावुक होते हुए पूनिया ने कहा, माना कि चुनाव में हार जीत एक सिक्के के दो पहलू हैं, लेकिन आमेर की यह हार मेरे लिए सोचने पर मजबूर करने वाली है, एक आघात जैसी है, हमने सपने देखे थे कि आमेर इस बार रिवाज बदलेगा और हम मिलकर सरकार के माध्यम से कार्यकर्ताओं का सम्मान और जनता का बेहतरीन काम करके इसे आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ,यह समय मेरे लिए कठिन परीक्षा की घड़ी जैसा है.
उन्होंने कहा, परिस्थितियों और मनोवैज्ञानिक रूप से मैं यह निर्णय करने के लिए मजबूर हूं कि मैं अब भविष्य में आमेर क्षेत्र के लोगों और कार्यकर्ताओं को सेवा और समय नहीं दे पाऊंगा, पार्टी नेतृत्व को भी मैं अपने निर्णय से अवगत करवाकर आग्रह करूंगा कि यहां कि समस्याओं के समाधान के लिए योग्य व्यक्तियों की नियुक्ति करें, साथ ही एक लंबे अरसे से पार्टी संगठन को पूरा समय देने के कारण पारिवारिक कामों से दूर रहा हूं, अत: अब मैं कुछ समय अपने पारिवारिक कामों को पूरा करने में लगाऊंगा, ईश्वर मुझे शक्ति दे.
गौरतलब है राजस्थान में भाजपा ने रिवाज का कायम रखते हुए 115 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए सत्तासीन कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने में सफल रही है. कांग्रेस को महज 70 सीटों से संतोष करना पड़ा. इस चुनाव में कांग्रेस के करीब 18 कद्दावर नेताओं को हार का सामना करना पड़ा. वहीं, सतीश पूनिया और नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौर समेत भाजपा के कद्दावर नेता व सांसदों को हार का मुंह देखना पड़ा.
ये भी पढ़ें-तीन विधानसभा में प्रचंड जीत पर बोले PM मोदी, 'आज की जीत ने 2024 की हैट्रिक की गारंटी दी है'